चारधाम यात्रा 2026 के तहत बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ खोले जा रहे हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बाद अब श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन का अवसर मिलेगा। बड़ी संख्या में भक्त पहले ही केदारनाथ पहुंच चुके हैं और कपाट खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
चारधाम यात्रा को भारत की प्रमुख और पवित्र तीर्थयात्राओं में शामिल किया जाता है। इस वर्ष यात्रा के प्रारंभ के साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा और अधिक गति पकड़ेगी।
कपाट खुलने से पहले बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव मूर्ति, जिसे चल विग्रह डोली कहा जाता है, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ केदारनाथ पहुंच चुकी है। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कपाट खोले जाएंगे। उन्होंने चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए उनकी यात्रा के मंगलमय और सुखद होने की कामना की।
इससे पहले अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए थे। उस समय मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों, वैदिक मंत्रों और भक्तों के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया था।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, यमुनोत्री धाम 19 अप्रैल से 11 नवंबर तक, गंगोत्री धाम 19 अप्रैल से 10 नवंबर तक और केदारनाथ धाम 22 अप्रैल से 11 नवंबर तक खुला रहेगा। इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे, जो 13 नवंबर तक श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।