राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रसेवा का प्रेरणापुंज बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत हमारी पंचायतों में निहित है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए एक प्रसिद्ध संस्कृत सुभाषित साझा किया: “प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्। नात्मप्रियं प्रियं राज्ञः प्रजानां तु प्रियं प्रियम्॥” इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सच्चे जनप्रतिनिधि का अपना कोई व्यक्तिगत सुख या हित नहीं होता; उसका सुख जनता के सुख में और उसका हित जनता के हित में ही समाहित है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी पंचायतों की भूमिका पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पंचायतों को लोकतंत्र की सशक्त आधारभूत इकाई बताते हुए डिजिटल सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। वहीं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गांवों तक विकास की धारा पहुंची है, जिससे ‘भारत की आत्मा’ कहे जाने वाले गांवों का कायाकल्प हो रहा है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने और ग्राम स्तर से विकास की नई गाथा लिखने का आह्वान किया।