शुक्रवार, 24 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 600 अंक यानी 0.80% टूटकर 77,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी लगभग 150 अंक यानी 0.60% गिरकर 24,000 के आसपास आ गया है। कारोबार के दौरान रियल्टी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जबकि आईटी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई।
बाजार में इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 22 अप्रैल की सीजफायर समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी है, वहीं ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दो जहाजों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इससे वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
दोनों देशों के बीच हालिया वार्ता का दौर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि बातचीत का अगला चरण पाकिस्तान में हो सकता है, लेकिन फिलहाल ऐसी संभावनाएं कमजोर पड़ती दिख रही हैं। इसी बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी टल गई है, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।
एशियाई बाजारों में आज मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 20 अंक यानी 0.31% की गिरावट के साथ 6455 पर रहा। वहीं जापान का निक्केई 203 अंक यानी 0.34% बढ़कर 59,343 पर पहुंचा। इसके अलावा, हांगकांग का हैंगसेंग 118 अंक यानी 0.42% गिरकर 25,797 पर कारोबार कर रहा है।
अमेरिकी बाजारों में 23 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 180 अंक यानी 0.36% गिरकर 49,310 पर बंद हुआ। नैस्डैक में 219 अंक यानी 0.89% की कमजोरी रही और यह 24,439 पर आ गया। वहीं S&P 500 इंडेक्स 30 अंक यानी 0.41% गिरकर 7,108 पर बंद हुआ।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। 23 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने 3,254.71 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इस दौरान उन्होंने 12,829.12 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जबकि 16,083.83 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 941.35 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की।
महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों ने अब तक कुल 47,536.09 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इस अवधि में उनकी कुल खरीद 2,16,734.30 करोड़ रुपए और बिक्री 2,64,270.39 करोड़ रुपए रही। वहीं, घरेलू निवेशकों ने इस महीने 34,777.96 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।