प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वाराणसी के ऐतिहासिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। शंखनाद और डमरू की ध्वनि के बीच मंदिर पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान काशी की सड़कों और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला, जहां लोगों ने जयकारों के साथ पीएम का अभिवादन किया।
मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में प्रधानमंत्री ने विद्वान अर्चकों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अनुष्ठान संपन्न किए। उन्होंने भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक और आरती कर राष्ट्र के कल्याण का आशीर्वाद मांगा। दर्शन के उपरांत मंदिर प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री को प्रतीक स्वरूप ‘त्रिशूल’ और ‘डमरू’ भेंट किया गया। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान पीएम मोदी ने वहां स्थापित नई ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का भी अवलोकन किया।
परिसर में मौजूद जनसमूह ने ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बैरिकेड्स के दूसरी ओर खड़े उत्साहित बच्चों से भी मुलाकात की और उनकी मुस्कुराहटों का जवाब हाथ हिलाकर दिया। काशी में आध्यात्मिक प्रवास के बाद, प्रधानमंत्री सीधे हरदोई के लिए रवाना होंगे, जहां विकास की एक बड़ी परियोजना देश को समर्पित की जानी है।
प्रधानमंत्री हरदोई में 36,230 करोड़ रुपये की विशाल लागत से निर्मित ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर बुलंदशहर, शाहजहांपुर, हरदोई और रायबरेली समेत 12 जिलों को जोड़ते हुए प्रयागराज तक जाता है। इस परियोजना के शुरू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच की यात्रा का समय 11-12 घंटे से कम होकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा। उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री वहां एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।