पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण में रिकॉर्ड 91.66% मतदान, आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण में रिकॉर्ड 91.66% मतदान, आजादी के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए लोकतांत्रिक इतिहास का नया अध्याय लिख दिया है। बुधवार को संपन्न हुए इस चरण में शाम 7:45 बजे तक 91.66 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के पश्चात राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सर्वाधिक स्तर है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह भागीदारी त्रिपुरा द्वारा 2013 में स्थापित 91.82 प्रतिशत के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गई है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस ऐतिहासिक भागीदारी के लिए बंगाल की जनता की सराहना की है। मतदान की शुचिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने तकनीक का व्यापक सहारा लिया। आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी ने सीईओ कार्यालय के माध्यम से राज्य के सभी मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग द्वारा निरंतर निगरानी की।

मतदान के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि मतदाताओं की सक्रियता व्यापक रही है। दूसरे चरण में कुल 3 करोड़ 21 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि पहले चरण में यह संख्या 3 करोड़ 60 लाख थी। लिंग आधारित आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में 1 करोड़ 65 लाख पुरुषों और 1 करोड़ 57 लाख महिलाओं ने वोट डाले। चुनाव आयोग का अनुमान है कि 5,343 मतदान केंद्रों का डेटा पूरी तरह अपडेट होने के बाद अंतिम प्रतिशत में और भी इजाफा हो सकता है।

आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। जहां 91.07 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया, वहीं महिलाओं का प्रतिशत 92.8 रहा। थर्ड जेंडर के मतदाताओं का आंकड़ा भी 91.28 प्रतिशत के साथ काफी उत्साहजनक रहा। यदि दोनों चरणों को मिलाकर देखें, तो अब तक का संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी तक पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले राज्य में सर्वाधिक मतदान का रिकॉर्ड 2011 के विधानसभा चुनाव में 84.72 प्रतिशत दर्ज किया गया था।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो बंगाल में मतदान का ग्राफ निरंतर बढ़ा है। 1951 के पहले विधानसभा चुनाव में मात्र 43.12 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो 1982 में बढ़कर 76.96 फीसदी और 1996 में 82.94 फीसदी तक पहुंचा। हाल के वर्षों में भी यह रुझान जारी रहा है, जिसमें 2016 में 83.02 प्रतिशत और 2021 में 82.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस बार के आंकड़े पूर्व के सभी पैमानों को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं।


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