जम्मू-कश्मीर के परिवहन बुनियादी ढांचे में आज एक बड़ा ऐतिहासिक सुधार देखने को मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस की विस्तारित सेवा का औपचारिक उद्घाटन किया। यह ट्रेन अब न केवल आठ के बजाय 20 कोचों के साथ संचालित होगी, बल्कि पहली बार जम्मू और श्रीनगर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगी। इस बहुप्रतीक्षित विस्तार के साथ अब यात्रियों को यात्रा के बीच में स्टेशन बदलने की असुविधा से मुक्ति मिल जाएगी।
इस नई सेवा के महत्व को साझा करते हुए ट्रेन मैनेजर अनिल कुमार शर्मा ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस सीधी सेवा से आम जनता को व्यापक लाभ होगा। इससे पहले जम्मू से श्रीनगर जाने वाले यात्रियों को पहले कटरा रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ता था और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब यात्रियों का समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। रेलवे मैनेजर रामपाल शर्मा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पहले सीधे विकल्प के अभाव में यात्रियों को जो परेशानी होती थी, उसका समाधान आज इस उद्घाटन के साथ हो गया है।
राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से इस परियोजना को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने इसे राज्य के इतिहास में एक ‘नया अध्याय’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कटरा रेलवे स्टेशन और फिर कश्मीर तक वंदे भारत का तोहफा मिलना क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके अनुसार, यह रेल सेवा न केवल सफर को आसान बनाएगी, बल्कि जम्मू को सीधे कश्मीर घाटी के साथ भावनात्मक और आर्थिक रूप से भी जोड़ेगी।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के पंकज गंगवार ने बताया कि ट्रेन की क्षमता में भारी विस्तार किया गया है। अब 8 डिब्बों की जगह 20 डिब्बों वाली यह आधुनिक ट्रेन पटरियों पर दौड़ेगी। आज के औपचारिक उद्घाटन के बाद 2 मई से इसकी नियमित व्यावसायिक सेवाएं शुरू हो जाएंगी। साथ ही, जम्मू-श्रीनगर रेल मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील सुरंगों और पटरियों की सुरक्षा के लिए RPF, GRP और CRPF के जवान संयुक्त रूप से तैनात किए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।