राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड सहित देश के 10 राज्यों में चक्रवाती गतिविधियों के चलते आंधी और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम के इस उग्र रूप ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान में खराब मौसम से संबंधित दुर्घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई, वहीं उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पेड़ की शाखा गिरने से एक व्यक्ति की मौत की दुखद खबर सामने आई है।
राजस्थान के दौसा, कोटपूतली-बहरोड़ और अलवर जैसे जिलों में प्रकृति का दोहरा कहर देखने को मिला, जहाँ तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। इसके प्रभाव से कई गरीब परिवारों की झुग्गी-झोपड़ियां तबाह हो गई हैं। यातायात पर भी इसका सीधा असर पड़ा है; जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर एक विशाल पेड़ गिरने के कारण करीब 40 मिनट तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वर्तमान में मौसम विभाग ने प्रदेश के 19 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और 8 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौसम विभाग ने आज कानपुर, सुल्तानपुर और बाराबंकी सहित राज्य के 64 जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ में आज सुबह से ही तेज हवाएं चल रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाराबंकी में सर्वाधिक 50 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जालौन राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है, जहाँ सभी 38 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट है और 19 जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मौसम विभाग की कड़ी निगरानी है। उत्तराखंड के 11 जिलों में वर्षा हुई है, जबकि हरियाणा के सिरसा और भिवानी में ओले गिरे हैं। जम्मू-कश्मीर के लघामा में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण बारामूला-उरी नेशनल हाईवे को बंद करना पड़ा है, जिससे यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। आने वाले 5 और 6 मई को भी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में यलो अलर्ट के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।