देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के बीच आज, 4 मई को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी दर्ज की गई है। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 750 अंक (0.94%) की बढ़त के साथ 77,700 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 250 अंकों (0.92%) की मजबूती दिखाते हुए 24,200 के आंकड़े को पार कर गया है। आज के सत्र में विशेष रूप से रियल्टी, मेटल और सरकारी बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में निवेशकों ने भारी दिलचस्पी दिखाई, जबकि आईटी और मीडिया सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया।
बाजार में आई इस तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं। पहला, असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया है, क्योंकि बाजार अक्सर स्थिर और स्पष्ट जनादेश को सकारात्मक संकेत के रूप में देखता है। दूसरा बड़ा कारण एशियाई बाजारों की मजबूती है; जापान के निक्केई, कोरिया के कोस्पी और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में बढ़त ने घरेलू सेंटीमेंट को सहारा दिया। तीसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ब्रेंट क्रूड ऑयल अब 110 डॉलर से गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है, जिससे महंगाई को लेकर बाजार की चिंताएं कम हुई हैं।
एनएसई निफ्टी-50 के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अडाणी पोर्ट्स 4.74% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा, जिसके बाद हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। इसके उलट, कोटक बैंक, ओएनजीसी (ONGC) और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) की बात करें तो पिछले 7 दिनों में उन्होंने 12,620 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जबकि इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इसी अवधि में 7,461 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को थामने का प्रयास किया है।