पांच राज्यों के चुनावी समर के परिणाम सोमवार को सामने आए, जिसमें सत्ता विरोधी लहर और नए राजनीतिक समीकरणों का असर साफ देखा गया। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का किला ढह गया, वहीं तमिलनाडु में ‘तीसरी शक्ति’ के रूप में TVK ने प्रचंड जीत हासिल की है। असम में भाजपा ने अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा है।
बंगाल में भाजपा का 70% स्ट्राइक रेट पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। इसके विपरीत, टीएमसी मात्र 81 सीटों पर सिमट गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का असर आंकड़ों में साफ दिखा; उन्होंने जिन 242 सीटों पर प्रचार किया था, उनमें से 184 पर भाजपा विजयी रही। उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल के जंगलमहल तक भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। बंगाल की सबसे बड़ी जीत माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी में रही, जहां भाजपा उम्मीदवार 1 लाख से अधिक वोटों से जीते।
द्रविड़ राजनीति के गढ़ में बड़ा बदलाव तमिलनाडु में TVK ने 46% स्ट्राइक रेट के साथ 108 सीटें जीतीं, जो DMK और AIADMK की संयुक्त सीटों से भी अधिक है। मुख्यमंत्री स्टालिन समेत उनके मंत्रिमंडल के 15 मंत्रियों को जनता ने नकार दिया। हालांकि, स्टालिन के पुत्र उदयनिधि अपनी सीट जीतने में सफल रहे। आंकड़ों के लिहाज से भाजपा का प्रदर्शन तमिलनाडु में सबसे कमजोर रहा, जहां वह केवल एक सीट जीत पाई।
असम: मंत्रियों की शत-प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड असम के चुनावी इतिहास में भाजपा ने 92.1% के अभूतपूर्व स्ट्राइक रेट के साथ वापसी की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में लड़ी गई 89 सीटों में से पार्टी ने 82 पर जीत दर्ज की। असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के साथ मिलकर एनडीए ने ट्राइबल इलाकों और बोडोलैंड में अपना दबदबा साबित किया। केरल और पुडुचेरी में भी नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।