मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मेट्रो ट्रेन की सवारी कर सादगी और मितव्ययता की एक नई मिसाल पेश की। बढ़ते यातायात, वायु प्रदूषण और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से ईंधन संरक्षण और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल की अपील करते रहे हैं। इसी क्रम में एक सजग पहल करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन मेट्रो में यात्रा कर नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी विशेष व्यवस्था के बजाय एक साधारण यात्री की तरह आम लोगों के बीच सफर किया। जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधि द्वारा सार्वजनिक परिवहन का ऐसा उपयोग प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे समाज के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है, जो आम नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में निजी वाहनों के स्थान पर मेट्रो और बसों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करता है।
सफर के अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो जैसे आधुनिक साधन न केवल समय बचाते हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी अहम योगदान देते हैं। महानगरों में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पैदा होने वाले दबाव को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और हानिकारक कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी लाई जा सकेगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत अब पर्यावरण अनुकूल और स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
दिल्ली मेट्रो की कार्यप्रणाली, समय के पालन और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बेहतरीन परिवहन व्यवस्थाओं का दायरा देश के अन्य हिस्सों में भी बढ़ना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश सरकार भी इसी दूरगामी सोच के साथ काम कर रही है, जिसके तहत भोपाल और इंदौर के बाद अब राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करने की योजना पर तेजी से अमल किया जा रहा है। देश का यह प्रयास स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी और स्मार्ट सिटी के लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगा।