जानिए देश में मौसम का हाल

जानिए देश में मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुल 111 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस प्राकृतिक आपदा में सबसे अधिक नुकसान प्रयागराज और भदोही जिलों में देखा गया, जहां क्रमशः 21 और 17 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई। मौसम के इस विकराल रूप के कारण हुई जनहानि पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। आपदा से प्रभावित उत्तर प्रदेश के करीब 37 जिलों में शुक्रवार को भी 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है, जिसमें आगरा और नोएडा जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।

एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश आपदा की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश का आधे से ज्यादा हिस्सा इस समय भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की चपेट में झुलस रहा है। गुरुवार को महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अनेक शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया। इस दौरान महाराष्ट्र का अकोला शहर 45.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे देश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के ही जलगांव, वर्धा और अमरावती जिलों में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

पश्चिमी भारत के राज्य राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप चरम पर बना हुआ है, जहां प्रदेश का औसत तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गुरुवार को फलोदी में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि जैसलमेर और बाड़मेर में 45.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर में पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस और जोधपुर में 44 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी जयपुर, बीकानेर और नागौर जैसे शहरों में दिनभर भीषण लू चलने के बाद शाम के समय हुई बारिश ने स्थानीय निवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर पहुंचाई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों में धूलभरी आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

मध्य प्रदेश और बिहार में भी मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश के खंडवा में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सूबे के 9 प्रमुख शहरों— जिनमें शाजापुर, नौगांव, खरगोन, रतलाम, खजुराहो, रायसेन और दमोह शामिल हैं— में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। दूसरी ओर, बिहार के कैमूर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था। बिहार के 19 जिलों में शुक्रवार को आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां दोपहर बाद 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

देश के अन्य राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि गुजरात के भावनगर में भी तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित 8 जिलों में बारिश और बर्फबारी का यलो अलर्ट है, हालांकि इसके मैदानी इलाकों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुबह से ही वर्षा हो रही है और वहां अगले 4 दिनों तक अंधड़ का अनुमान है। हरियाणा के 13 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है और वहां के 8 जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। झारखंड में 20 मई तक मौसम खराब रहने और 17-18 मई को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब के 6 जिलों और चंडीगढ़ में आज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जहां बीते दिन बठिंडा 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा था।

मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए देशव्यापी पूर्वानुमान जारी किया है। इसके तहत 16 मई को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं 17 मई को स्थिति में बदलाव होगा और राजस्थान में अत्यंत गंभीर हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। इस दिन छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में लू का प्रकोप रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के केरल व कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

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