प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड्स के हेग शहर में आयोजित भारत-नीदरलैंड्स सीईओ राउंडटेबल बैठक में शिरकत की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के व्यापारिक दिग्गजों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने, सेमीकंडक्टर, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स, हरित ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण (हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को गति देने पर व्यापक बातचीत हुई। चर्चा के दौरान डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने पिछले एक दशक में भारत के आर्थिक परिदृश्य में आए सकारात्मक बदलावों को रेखांकित किया और प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों की प्रशंसा की।
बैठक में मौजूद वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों ने भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की इच्छा जताई। ‘रॉयल वोपाक’ के सीईओ डिक रिचेल ने जानकारी दी कि उनकी कंपनी एगिस लॉजिस्टिक्स के साथ ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से भारतीय बाजार में लंबे समय से सक्रिय है। उन्होंने देश के विकास ढांचे की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाले समय में भारत में अपना पूंजी निवेश और अधिक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
डच व्यापारिक संगठन ‘वीएनओ-एनसीडब्ल्यू’ के अध्यक्ष कोएन वैन ओस्ट्रोम ने प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृत्व कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी डच कॉर्पोरेट जगत की जरूरतों और प्राथमिकताओं को बखूबी समझते हैं। वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से भारत में निवेश को बढ़ावा देने के प्रति उनका दृष्टिकोण बेहद उत्साहजनक है।
व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की बात करते हुए ‘एपीएम टर्मिनल्स’ के सीईओ कीथ स्वेंडसेन ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और उसकी वैश्विक महत्वाकांक्षाएं बेहद प्रभावित करने वाली हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ होने वाला आगामी व्यापार समझौता आपसी संबंधों को नया आयाम देगा। उन्होंने बताया कि परिवहन, जहाज निर्माण, कंटेनर निर्माण और युवाओं के कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर ठोस काम कर रहे हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देते हुए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर क्रिस्टोफ फौक्वेट ने कहा कि यह समझौता भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को स्थापित करने की प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि हासिल करने के लिए भारत के लिए यह सेक्टर बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में प्रधानमंत्री के वक्तव्य से प्रभावित होकर बौद्धविज्न सीमन्स के सीईओ ने उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह मानना बिल्कुल सही है कि भारत के विकास का ‘सर्वश्रेष्ठ समय अभी आना बाकी है’। ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते और नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक संबंधों के चलते व्यापार के असीमित अवसर मौजूद हैं। वहीं ‘पोर्ट ऑफ रोटरडम’ के सीईओ ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हो रहे बड़े निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि जहाजों की वास्तविक उपयोगिता बंदरगाह पर खड़े रहने में नहीं, बल्कि व्यापार को गति देने में है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राउंडटेबल को संबोधित करते हुए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की अहमियत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच व्यापार, आधुनिक तकनीक और आपसी संपर्कों को एक नई ऊर्जा देगा। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, जल प्रबंधन, कृषि-तकनीक, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड लॉजिस्टिक्स में सहयोग को और गहरा करने की अपील की।
इस महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी साझा करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा कि यह बैठक दोनों देशों के बीच नए अवसरों के द्वार खोलने वाली है, जहां प्रधानमंत्री ने ऊर्जा, सस्टेनेबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीक से जुड़ी नीदरलैंड्स की शीर्ष कंपनियों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय हितों पर उपयोगी चर्चा की है।