प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान वहां के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण वार्ता में दोनों देशों के बीच डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, शिक्षा, नवाचार (इन्नोवेशन) और पर्यावरण अनुकूल हरित साझेदारी सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
औपचारिक वार्ता से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने हाउस टेन बॉश पैलेस में नीदरलैंड्स के शासक राजा विलेम-एलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान भारत और नीदरलैंड्स के पारस्परिक संबंधों को नया आयाम देने, विशेषकर दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट) को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2019 में डच शाही दंपति की भारत यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उस दौरे ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को एक नई ऊर्जा और सकारात्मक गति प्रदान की थी।
दोनों देशों के बीच हुई इस बैठक में शिक्षा, जल प्रबंधन, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और हरित साझेदारी से जुड़ी वर्तमान परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के प्रति डच शाही परिवार के स्नेह और सद्भावना की सराहना की। साथ ही उन्होंने इस यात्रा के दौरान मिले भव्य और आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताया। इस मुलाकात के उपरांत शाही परिवार की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में एक विशेष दोपहर भोज (लंच) का भी आयोजन किया गया।
इस कूटनीतिक यात्रा के दौरान भारत के तकनीकी क्षेत्र, विशेषकर चिप निर्माण उद्योग को एक बड़ी सफलता मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डच प्रधानमंत्री रॉब जेटन की गरिमामयी उपस्थिति में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नीदरलैंड्स की अग्रणी कंपनी एएसएमएल (ASML) के बीच एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहमति पत्र (MoU) का मुख्य उद्देश्य भारत के भीतर सेमीकंडक्टर निर्माण के बुनियादी ढांचे को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। इस समझौते के तहत एएसएमएल कंपनी गुजरात के धोलेरा में आकार ले रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई की स्थापना और उसके भविष्य के विस्तार में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।
इस ऐतिहासिक साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक सहयोग भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नई शक्ति प्रदान करेगा और भविष्य की उन्नत तकनीकों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और गहरा करेगा।
प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री रॉब जेटन ने देश के चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को गति देने वाले इस महत्वपूर्ण समझौते का अवलोकन किया। उन्होंने भरोसा जताया कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत की यह तेज रफ्तार न केवल देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए और बड़े अवसर पैदा कर रही है, बल्कि भविष्य में नवाचार की एक मजबूत नींव भी रख रही है।