कृषि और ग्रामीण विकास में सुधारों को गति देगी केंद्र सरकार, शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

कृषि और ग्रामीण विकास में सुधारों को गति देगी केंद्र सरकार, शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में मंत्रालयों की एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों विभाग देश के किसानों, गरीबों और ग्रामीणों के कल्याण के लिए सुधारों की गति को और तेज करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सरकारी कामकाज का असर केवल कागजों तक सीमित न रहकर सीधे जमीन पर दिखना चाहिए। यह बैठक प्रधानमंत्री द्वारा मंत्रिपरिषद में दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद बुलाई गई थी, जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री ने जनसामान्य की समस्याओं के समाधान को सबसे ऊपर रखने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी किसान या गरीब नागरिक को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने शिकायत निवारण तंत्र को अधिक जवाबदेह, सक्रिय और परिणाम देने वाला बनाने के लिए कहा।

इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि और ग्रामीण विकास विभागों में 10-10 अधिकारियों की विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। यह टीमें रोजाना विभिन्न पोर्टलों पर आने वाली समस्याओं, शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से मिलने वाले पत्रों की निगरानी करेंगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल फाइलों पर शिकायतों का निपटारा दिखाना काफी नहीं है, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी जरूरी है। वे खुद हर महीने इस पूरी व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

प्रधानमंत्री के ‘रिफॉर्म’ (सुधार) के विचार को आगे बढ़ाते हुए शिवराज सिंह चौहान ने नीतियों को सरल बनाने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि वे एक हफ्ते के भीतर उन जटिल नियमों, पुराने कानूनों और गैर-जरूरी लाइसेंस प्रक्रियाओं की पहचान करें जो योजनाओं की राह में बाधा बन रहे हैं, ताकि उनमें तुरंत सुधार किया जा सके। इसके साथ ही, प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाने के लिए फाइलों की ड्राफ्टिंग और नोटिंग की गुणवत्ता सुधारने तथा अदालती मामलों में मजबूत पैरवी के लिए अच्छे वकीलों की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए।

आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा आधारित निर्णय प्रणालियों को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए एक अलग टीम तकनीक आधारित सुधारों का खाका तैयार करेगी। सरकार प्रधानमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म” के मूल मंत्र पर काम कर रही है और नई पहलों को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, वीडियो, ग्राफिक्स और जनसंवाद के माध्यमों का सहारा लिया जाएगा।

अंत में, केंद्रीय मंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और क्षेत्रीय सम्मेलनों को योजनाओं की सफलता के लिए जरूरी बताया। साथ ही, अधिकारियों को गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से परहेज करने और देश के भीतर ही काम की गुणवत्ता तथा नतीजों को सुधारने पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

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