दिग्गज पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने बुधवार को बेंगलुरु के मैदान पर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पुरुषों की एफ़-64 स्पर्धा में 74.82 मीटर की दूरी पर भाला फेंका और एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया। आठवीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा कर रहे सुमित ने यह अभूतपूर्व सफलता अपने पांचवें चांस में हासिल की।
यह नया प्रदर्शन सुमित के उस पुराने रिकॉर्ड से कहीं आगे है जो उन्होंने साल 2023 के हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स (चीन) में 73.29 मीटर का थ्रो करके बनाया था। बेंगलुरु के इस मुकाबले में उन्होंने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ आंकड़े से 1.53 मीटर की अधिक दूरी तय की है।
अपनी इस कामयाबी पर बात करते हुए स्टार एथलीट ने कहा कि काफी समय बीत जाने के कारण वे लगातार सोच रहे थे कि विश्व रिकॉर्ड में सुधार क्यों नहीं हो पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चैंपियनशिप में उनका एकमात्र ध्यान सिर्फ अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन को निखारने पर था। उन्होंने आगे खुशी जाहिर की कि वे अपने पुराने रिकॉर्ड में करीब डेढ़ मीटर की बढ़ोतरी करने में कामयाब रहे और उम्मीद जताई कि आगामी पैरा एशियाई खेलों में भी उनकी टीम के साथ उनका प्रदर्शन इससे भी अधिक शानदार रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुमित का यह सातवां विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत जून 2019 में इटली के वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स से की थी, जहां 60.45 मीटर के थ्रो के साथ पहला रिकॉर्ड और रजत पदक उनके नाम हुआ था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का दांव लगाया। मार्च 2021 में जब बेंगलुरु में नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप हुई, तब उन्होंने 66.90 मीटर का थ्रो फेंककर दोबारा नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया।
टोक्यो पैरालंपिक (अगस्त 2021) सुमित के करियर का वह टर्निंग पॉइंट था जहां उन्होंने फाइनल मैच के दौरान एक के बाद एक तीन बार विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त किए। उस मुकाबले में उन्होंने पहले 66.95 मीटर, फिर 68.08 मीटर और आखिरी प्रयास में 68.55 मीटर का भाला फेंककर देश को स्वर्ण पदक दिलाया था।
इसके बाद भी थ्रो की दूरी लगातार बढ़ती गई। जुलाई 2023 में पेरिस की वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 70 मीटर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर 70.83 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता। अंततः वर्ष 2023 में ही हांगझोउ के एशियाई पैरा खेलों में उनका थ्रो 73.29 मीटर तक पहुंचा, जो बुधवार को बेंगलुरु के मैदान पर 74.82 मीटर के नए शिखर में तब्दील हो गया।