आज यानी बुधवार, 3 जून को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखी जा रही है, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। शुरुआती सत्र में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400 अंकों की कमजोरी के साथ 74,250 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 100 अंक फिसलकर 23,400 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। आज के कारोबार में सबसे अधिक दबाव इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर बना हुआ है, जहाँ निवेशक तेजी से मुनाफावसूली कर रहे हैं।
इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक बार फिर विवाद गहराने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है, जिसके चलते निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है। अकेले मई के महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 71 हजार करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि निकाली है।
तीसरे घरेलू कारण के रूप में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट को देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने पुराने अनुमान को 92% से घटाकर अब 90% कर दिया है। देश में जून से सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की इस आशंका ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बीते कल भी बाजार में 8,363 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जबकि इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 9,589 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
यदि वैश्विक बाजारों पर नजर डालें तो कल अमेरिकी बाजारों में बढ़त दर्ज की गई थी, जिसमें डाउ जोन्स 229 अंक (0.45%), नैस्डैक 7 अंक (0.03%) और S&P 500 सूचकांक 10 अंक (0.13%) मजबूत होकर बंद हुए थे। आज एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहाँ दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.15% और जापान का निक्केई 2.57% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं, वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.56% की गिरावट दर्ज कर रहा है। गौरतलब है कि इस गिरावट से ठीक एक दिन पहले, मंगलवार को भारतीय बाजार 383 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ था।