इबोला संकट से निपटने के लिए भारत ने अफ्रीका सीडीसी को भेजी 45 टन से अधिक चिकित्सा सहायता

इबोला संकट से निपटने के लिए भारत ने अफ्रीका सीडीसी को भेजी 45 टन से अधिक चिकित्सा सहायता

भारत सरकार ने अफ्रीकी देशों में फैल रहे इबोला संक्रमण का मुकाबला करने के लिए ‘अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ (अफ्रीका सीडीसी) को बड़े पैमाने पर आपातकालीन चिकित्सीय सामग्री उपलब्ध कराई है। यह कदम अफ्रीकी संघ आयोग की ओर से आए एक विशेष आग्रह के बाद उठाया गया है। इस मानवीय पहल का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करना और बीमारी के प्रसार को रोकना है।

विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस सहायता खेप को अफ्रीका सीडीसी की तात्कालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल इबोला महामारी को नियंत्रित करना है, बल्कि क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारियों और प्रशासनिक क्षमताओं को भी बेहतर बनाना है।

इस राहत अभियान की शुरुआत करते हुए पहले चरण के अंतर्गत 24 मई 2026 को करीब ढाई टन वजनी चिकित्सा उपकरणों की पहली खेप युगांडा की राजधानी कंपाला रवाना की गई थी। इस शुरुआती खेप में अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षात्मक गियर, मरीजों की सेहत पर नजर रखने वाले निगरानी यंत्र, जीवन रक्षक दवाएं तथा पौष्टिक पूरक उत्पाद शामिल थे।

इसके पश्चात, अफ्रीका सीडीसी से मिली विस्तृत और विशिष्ट मांगों की सूची के आधार पर भारत ने दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू की। इस चरण में देश की ओर से कुल 43 टन अतिरिक्त चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की गई है। इस बड़ी खेप में उच्च स्तरीय व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक और सर्विलांस टूल, सैंपल ट्रांसपोर्ट किट, संक्रमण नियंत्रण उत्पाद, दवाएं और पोषण संबंधी आवश्यक सामग्रियां भेजी गई हैं।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह दूसरी खेप 2 जून 2026 को कंपाला पहुंच चुकी है, जहां इसे औपचारिक रूप से अफ्रीका सीडीसी के प्रतिनिधियों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह आपातकालीन सहायता अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ भारत के पुराने और प्रगाढ़ संबंधों को रेखांकित करती है। साथ ही, यह वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के समय एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

वर्तमान में, भारत के राजनयिक मिशन लगातार अफ्रीकी संघ आयोग और अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए हुए हैं। इस निरंतर संवाद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इबोला नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जमीनी प्रयासों को बिना किसी बाधा के प्रभावी समर्थन मिलता रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *