देश के कुल 11 राज्यों में गुरुवार को अंधड़ के साथ भारी वर्षा दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इसी बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने निर्धारित समय से तीन दिन की देरी के बाद केरल के तट पर दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही देश में आधिकारिक तौर पर चार महीने के वर्षा ऋतु चक्र का आरंभ हो गया। इस मौसमी बदलाव से प्रभावित क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, प्री-मानसून की इस सक्रियता के कारण अलग-अलग राज्यों में हुए हादसों में पांच लोगों की असमय मौत हो गई, जबकि विमान सेवाओं और यातायात व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल के साथ-साथ मानसून ने तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों को भी अपने प्रभाव में ले लिया है। आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर इसके कर्नाटक और तमिलनाडु के शेष हिस्सों सहित गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों की ओर बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। अमूमन 1 जून को केरल पहुंचने वाला मानसून लगभग डेढ़ महीने की अवधि में समूचे देश को कवर कर लेता है, जबकि 17 सितंबर के आसपास राजस्थान से इसकी वापसी की प्रक्रिया शुरू होकर 15 अक्टूबर तक संपन्न होती है।
राज्यों में मौसम का मिजाज और हादसे
गुरुवार को आए भीषण तूफान के कारण मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं, जिससे शहर में 80 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। उत्तर प्रदेश के 12 प्रमुख शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि दिल्ली-एनसीआर के नोएडा क्षेत्र में तेज आंधी के कारण लगभग 400 पेड़ उखड़ गए। खराब मौसम के चलते विमान सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिसके कारण दिल्ली से 11 और जयपुर से दिल्ली जाने वाली 4 उड़ानों के मार्ग को डायवर्ट करना पड़ा।
इस मौसमी उथल-पुथल के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से दुखद दुर्घटनाएं सामने आईं। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर कार्यरत क्रेन के अचानक कंटेनर पर पलट जाने से 3 श्रमिकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उधर, बिहार के भागलपुर जिले में आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मां और बेटी की जान चली गई। वहीं राजस्थान के भरतपुर में तेज आंधी के कारण एक मकान की दीवार गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
6 जून की चेतावनी: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज आंधी-तूफान की आशंका व्यक्त करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके अतिरिक्त, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ विशिष्ट इलाकों में आंधी के साथ ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है।
7 जून की चेतावनी: रविवार को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विस्तृत भू-भाग में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की आशंका है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का माहौल बना रहेगा। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में वर्षा का अनुमान है, जिसमें तटीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश का असर देखा जाएगा।
प्रादेशिक स्तर पर वर्तमान स्थिति
- मध्य प्रदेश: राज्य में प्री-मानसून की सक्रियता के चलते पिछले दो दिनों से आधे हिस्से में आंधी-बारिश का दौर जारी है। भोपाल और इंदौर सहित प्रदेश के लगभग 45 जिलों में शुक्रवार को भी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
- राजस्थान: प्रदेश में मानसून का आधिकारिक प्रवेश जुलाई के प्रथम सप्ताह में संभावित है, परंतु प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। राजधानी जयपुर में रातभर रुक-रुक कर वर्षा होती रही, जबकि श्रीगंगानगर में ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज राज्य के 22 जिलों में अलर्ट घोषित किया है।
- उत्तर प्रदेश: राज्य के 38 जिलों में आज अंधड़ और बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसमें से 21 जिलों में ‘ऑरेंज’ और 17 जिलों में ‘येलो’ अलर्ट प्रभावी है। लखनऊ और आगरा समेत पांच प्रमुख शहरों में शुक्रवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। राज्य में मानसून 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते दाखिल होगा और 22 जून तक इसके लखनऊ पहुंचने की संभावना है।
- बिहार: प्रदेश के 12 जिलों (चंपारण, सीतामढ़ी, अररिया सहित) में आज बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके विपरीत, पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय सहित 26 जिलों में भीषण लू (हीटवेव) का प्रकोप बना रहेगा, जहां पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
- हरियाणा: राज्य के 16 जिलों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना व्यक्त करते हुए नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है। आगामी दो से तीन दिनों तक मौसम का यह रुख बरकरार रह सकता है।
- उत्तराखंड: पर्वतीय राज्य के सभी जिलों में आज बारिश के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत सहित 7 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। राजधानी देहरादून में चलती गाड़ियों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।