ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत में विमान सेवा बहाल, सुरक्षा कारणों से दो घंटे बंद रहा एयरस्पेस

ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कुवैत में विमान सेवा बहाल, सुरक्षा कारणों से दो घंटे बंद रहा एयरस्पेस

कुवैत ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र पर लगाई गई अस्थायी रोक को हटाकर विमानों का आवागमन शनिवार दोपहर से दोबारा शुरू कर दिया है। यह कदम ईरान की तरफ से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद उपजे खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाया गया था। कुवैत के नागरिक उड्डयन निदेशालय (सिविल एविएशन डायरेक्टरेट) के अनुसार, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही उड़ानों को हरी झंडी दी गई।

नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, शनिवार सुबह 4:15 बजे से लेकर 6:15 बजे तक यानी कुल दो घंटों के लिए देश का एयरस्पेस पूरी तरह बंद रखा गया था। इस दौरान सुरक्षा जोखिमों को भांपते हुए प्रशासन ने सभी आने-जाने वाली उड़ानों के परिचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया था। सुरक्षा एजेंसियों से हरी झंडी मिलने के बाद ही नागरिक उड्डयन को सामान्य किया जा सका।

हवाई क्षेत्र बंद रहने की वजह से कुवैत एयरवेज और जजीरा एयरवेज की कुल 11 विमानों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा था। इन सभी प्रभावित उड़ानों को नजदीकी देशों के हवाई अड्डों की तरफ मोड़ा गया, जिनमें से अधिकांश को सऊदी अरब के रियाद और दम्माम एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। हवाई क्षेत्र दोबारा खुलने के बाद, डायवर्ट किए गए ये सभी विमान वापस कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट लौट आए हैं।

इस घटनाक्रम के पीछे ईरान द्वारा बहरीन और कुवैत की दिशा में दागी गई 7 बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और संपूर्ण खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है। मनामा ने स्पष्ट किया कि उनकी और कुवैत की सेनाओं की मुस्तैदी के कारण इन सभी मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट (इंटरसेप्ट) कर दिया गया।

तनावपूर्ण स्थिति के बीच बहरीन ने ईरान के समक्ष कई मांगें रखी हैं। बहरीन ने कहा है कि ईरान इन हमलों को तत्काल रोके, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) को पूरी तरह से खोले और वहां बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों की सटीक जानकारी साझा करे। इसके साथ ही, वहां फंसे हुए 20 हजार से अधिक निर्दोष नाविकों को सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता देने की मांग भी उठाई गई है।

दूसरी तरफ, इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए ईरान के संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान जारी किया है। आईआरजीसी ने दावा किया कि उनके निशाने पर कुवैत में सक्रिय दो अमेरिकी सैन्य ठिकाने और बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा (5th Fleet) था। ईरानी सेना के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा पहले किए गए कदमों का एक जवाबी जवाब है।

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