भागवत कथा समापन: मध्य प्रदेश में चिन्हित लीला स्थलों पर बनेंगे श्रीकृष्ण तीर्थ, मुख्यमंत्री ने बुनियादी विकास के लिए दी वित्तीय मदद

भागवत कथा समापन: मध्य प्रदेश में चिन्हित लीला स्थलों पर बनेंगे श्रीकृष्ण तीर्थ, मुख्यमंत्री ने बुनियादी विकास के लिए दी वित्तीय मदद

उज्जैन जिले के टंकारिया पंथ गांव में एक से सात जून तक आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सहभागिता की। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन से जुड़कर उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए बुनियादी परियोजनाओं की घोषणा करने के साथ ही राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्ययोजना साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार उन सभी स्थानों पर भव्य श्रीकृष्ण तीर्थों का निर्माण करने जा रही है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाएं रची थीं, जिसमें उज्जैन का नारायणा गांव और धार जिले का अंका-झंका माताजी परिसर विशेष रूप से शामिल हैं।

धार्मिक आयोजन की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य प्रभाव मानव के दुखों और कष्टों का निवारण करने वाला है। उन्होंने इसे वैश्विक कल्याण और आत्मिक उन्नति का आधार बताते हुए कहा कि भारतीय समाज में ऐसे आयोजन सकारात्मक बदलाव लाते हैं। उनके अनुसार, यह कथा मनुष्य को नैतिकता, कर्तव्यपरायणता और मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करने वाला एक ऐसा पवित्र ज्ञानामृत है, जो समाज में आपसी समरसता और शांति की भावना को सुदृढ़ करता है। उन्होंने भागवत गीता को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और संदेशों को जन-जन तक प्रसारित करने का सशक्त जरिया बताया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और कष्टों के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव धर्म का मार्ग चुना और कंस के अत्याचारी शासन का अंत किया। उन्होंने जनता से भगवान के इन सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने का अनुरोध किया।

स्थानीय निवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक तथा इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क निर्माण की मंजूरी दी। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देते हुए उन्होंने गांव की धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए राशि आवंटित करने और एक नई गौशाला के निर्माण हेतु अनुदान देने की बात कही। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सामाजिक कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आगामी रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों के खातों में शगुन की राशि भेजी जाएगी और राज्य के सभी पात्र बुजुर्ग नागरिकों को सरकारी खर्च पर तीर्थ यात्रा का लाभ प्रदान किया जाएगा।

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति, संत समाज और क्षेत्र के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के सामूहिक अनुष्ठान सांस्कृतिक चेतना को जगाने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने में सहायक होते हैं। इस विशेष अवसर पर प्रख्यात कथाव्यास श्री राकेश शर्मा ‘शास्त्री’, श्री मनोहर चौधरी, श्री लीलाधर पटेल, श्री जगदीश पटेल, श्री सुदामा पटेल, श्री सोहन पटेल और श्री कान्हा पटेल सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक भंडारे और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

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