शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट पर लगा विराम, सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद

शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट पर लगा विराम, सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद

पश्चिम एशिया में जारी गंभीर भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार संभलने में सफल रहा। पिछले लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का रुख बदलते हुए घरेलू बाजार बढ़त दर्ज कर हरे निशान पर बंद हुआ।

गुरुवार के कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 138.36 अंक यानी 0.19 फीसदी की मजबूती के साथ 74,902.59 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी 46.30 अंक यानी 0.20 फीसदी चढ़कर 23,477.80 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में कुल मिलाकर मिला-जुला रुख देखा गया, जहां लगभग 1,802 कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, जबकि 2,224 शेयर लाल निशान में बंद हुए और 135 शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।

कारोबारी सत्र के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखा गया। पिछले बंद 74,764.23 के मुकाबले सेंसेक्स सुबह 21.69 अंक नीचे 74,742.54 पर खुला। दिन के दौरान यह 165.75 अंक फिसलकर 74,598.47 के निचले स्तर तक गया, लेकिन बाद में इसने वापसी करते हुए 146.73 अंकों की तेजी के साथ 74,910.96 का उच्च स्तर छू लिया। इसी प्रकार निफ्टी अपने पूर्व बंद 23,431.50 से 15 अंक ऊपर 23,446.60 पर खुला और कारोबार के दौरान 23,380.10 के निचले तथा 23,494.95 के उच्चतम स्तर के बीच झूलता रहा।

मुख्य सूचकांकों के उलट व्यापक बाजार में कमजोरी का माहौल रहा, जहां निफ्टी मिडकैप में 0.38 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में खरीदारी का समर्थन मिला। वहीं दूसरी तरफ मेटल, फार्मा, ऑटो, हेल्थकेयर और एफएमसीजी सेक्टरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा।

कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी 50 के अंतर्गत एचडीएफसी लाइफ, पावरग्रिड, ओएनजीसी, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके विपरीत एचसीएल टेक, हिंडाल्को और टाटा स्टील के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट देखी गई।

वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व के तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 102 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है। ईरान के अनुसार, छह माह से जारी संघर्ष में जहाजों पर हुए बड़े हमलों के तहत अमेरिका द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों को डुबोए जाने के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के समीप 10 जहाजों को निशाना बनाया, जिससे ईंधन की कीमतें प्रभावित हुईं। उल्लेखनीय है कि कच्चा तेल महंगा होना दुनिया के तीसरे सबसे बड़े आयातक भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे देश का आयात बिल बढ़ता है, महंगाई दर पर दबाव आता है और कॉरपोरेट मुनाफे सहित समग्र आर्थिक विकास की गति प्रभावित होती है।

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