भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 11 जून को कमजोरी का रुख देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में व्यापार कर रहे हैं, जहां सेंसेक्स 200 अंकों की गिरावट के साथ 73,700 के स्तर पर आ गया है। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी भी लगभग 100 अंक फिसलकर 23,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी, ऑटोमोबाइल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखा जा रहा है, जहां बिकवाली का माहौल बना हुआ है।
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह कमजोर वैश्विक संकेत हैं। एशियाई बाजारों में आज सुबह से ही मंदी देखी जा रही है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 115 अंक (1.51%) टूटकर 7,616 पर आ गया है, जबकि जापान का निक्केई 940 अंक (1.46%) की भारी गिरावट के साथ 63,240 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 240 अंक (0.93%) की कमजोरी के साथ 24,168 पर बना हुआ है।
इससे पहले अमेरिकी बाजारों में भी बीते सत्र (10 जून) को भारी बिकवाली का दौर रहा। अमेरिकी सूचकांकों में डाउ जोन्स 953 अंक या 1.87% गिरकर 49,919 पर बंद हुआ। नैस्डैक में 509 अंकों यानी 1.98% की गिरावट रही और यह 25,170 के स्तर पर आ गया। वहीं S&P 500 इंडेक्स भी 120 अंक (1.62%) टूटकर 7,267 के स्तर पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों के इसी नकारात्मक रुख का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
बाजार के संस्थागत आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से लगातार बिकवाली जारी है। बीते कारोबारी दिन यानी 10 जून को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 2,125 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास करते हुए 3,124 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। अगर लंबी अवधि की बात करें तो पिछले 30 दिनों में FII ने कुल 77,855 करोड़ रुपए की बिकवाली की है, जबकि इस दौरान DII ने 95,728 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है।
इससे पिछले कारोबारी सत्र, यानी 10 जून को घरेलू शेयर बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला था। उस दिन उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स मामूली बढ़त बनाने में कामयाब रहा था और 64 अंकों की तेजी के साथ 73,983 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, निफ्टी अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख पाया था और 27 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 23,215 के स्तर पर बंद हुआ था।