शनिवार को देहरादून स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की सैन्य टुकड़ियों का निरीक्षण किया। यह गौरवमयी अवसर देश के रक्षा इतिहास और महिला सशक्तीकरण के दृष्टिकोण से अत्यंत ऐतिहासिक रहा, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर आधिकारिक तौर पर सेना में अधिकारी का पद हासिल कर लिया है।
इस विशिष्ट दीक्षांत समारोह के दौरान आईएमए की मुख्य परेड से एनडीए के पहले महिला बैच की कुल 9 महिला कैडेट्स भारतीय थलसेना का हिस्सा बनीं। इस गौरवपूर्ण क्षण को भारतीय सशस्त्र बलों के भीतर महिलाओं की बढ़ती सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में एनडीए के माध्यम से महिलाओं को सेना में प्रवेश की पात्रता नहीं थी। हालांकि, जून 2022 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक युगांतकारी निर्णय के उपरांत महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के मार्ग प्रशस्त हुए थे। न्यायालय के इसी दूरदर्शी आदेश के परिणामस्वरूप आज भारतीय सेना को महिला अधिकारियों का यह पहला ऐतिहासिक बैच प्राप्त हुआ है।
इस वर्ष के पासिंग आउट परेड के आंकड़ों पर नजर डालें तो आईएमए से कुल 515 कैडेट्स अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर सेना में शामिल हुए हैं। इस संख्या में 16 मित्र राष्ट्रों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल हैं। थलसेना में शामिल होने वाले इन जांबाज अधिकारियों में एनडीए की वे 9 महिला कैडेट्स भी शामिल रहीं, जिन्होंने अकादमिक और व्यावहारिक सैन्य कौशल के अत्यंत कठिन मापदंडों को पार किया है।
थलसेना के साथ-साथ भारतीय वायुसेना को भी इस ऐतिहासिक दिन नई ताकत मिली। वायुसेना अकादमी में आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में 217वें कोर्स के कुल 231 फ्लाइट कैडेट्स ने अपना प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट्स शामिल थीं। इन 37 महिला अधिकारियों में से 5 कैडेट्स एनडीए के इसी पहले महिला बैच से संबद्ध हैं, जिन्हें वायुसेना में कमीशन प्रदान किया गया है।
देश के दो शीर्ष सैन्य केंद्रों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी रही। जहां एक ओर देहरादून के आईएमए में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने परेड की सलामी ली, वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह के साक्षी बने। दोनों ही आयोजन देश की रक्षा पंक्ति में महिलाओं के बढ़ते योगदान और उनके सशक्तिकरण की नई तस्वीर पेश करते हैं।
वायुसेना अकादमी के इस भव्य समारोह का समापन आसमान में बिखरे राष्ट्र के सैन्य शौर्य के साथ हुआ। कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के अंत में आयोजित एयर शो में भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के सुखोई लड़ाकू विमानों, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।