भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई गति, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जताई उम्मीद

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को मिलेगी नई गति, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जताई उम्मीद

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में स्विट्जरलैंड के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के माध्यम से आपसी रणनीतिक और आर्थिक सहयोग का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना है।

यह घोषणा वाणिज्य मंत्री और स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद सामने आई। इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए पीयूष गोयल ने बताया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी आर्थिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने और टीईपीए के प्रावधानों के तहत सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। दोनों देशों के बीच बने मजबूत संबंधों के आधार पर व्यापार और निवेश के नए रास्ते तलाशने पर विशेष जोर दिया गया।

वर्तमान समय में भारत वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी रणनीति के तहत सरकार विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके और घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेज किया जा सके। वाणिज्य मंत्री ने पहले भी कहा था कि ये समझौते देश की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे नवाचार, बेहतर गुणवत्ता और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

इस व्यापक आर्थिक साझेदारी में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के देश—स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन और आइसलैंड—शामिल हैं। इस समूह ने आगामी 15 वर्षों के भीतर भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का भरोसा दिया है। इसके साथ ही, इस निवेश के जरिए देश में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने में सहयोग देने का संकल्प भी जताया गया है, जो इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

वाणिज्य मंत्री के अनुसार, यह महत्वपूर्ण आर्थिक समझौता अब अपने क्रियान्वयन के दूसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस समय दोनों पक्षों के बीच विभिन्न निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत चल रही है। उन्होंने पूरा विश्वास व्यक्त किया कि टीईपीए के माध्यम से होने वाला यह सहयोग दोनों ही देशों के लिए दूरगामी और ऐतिहासिक आर्थिक लाभ लेकर आएगा।

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