भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। नियामक ने साफ कहा है कि गैर-सूचीबद्ध (अनलिस्टेड) कंपनियों के शेयरों की खरीद-फरोख्त के लिए चलाए जा रहे अवैध ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों से पूरी तरह दूर रहें। सेबी के मुताबिक, ये डिजिटल माध्यम न तो नियामक से मान्यता प्राप्त हैं और न ही इन्हें किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति मिली है। ऐसे में इन पर किया गया कोई भी वित्तीय लेन-देन निवेशकों के लिए भारी जोखिम का कारण बन सकता है।
बाजार नियामक ने निवेशकों को विशेष रूप से आगाह किया है कि वे इन अनाधिकृत वेबसाइटों पर न तो किसी तरह की ट्रेडिंग करें और न ही अपनी गोपनीय या संवेदनशील निजी जानकारियां साझा करें। सेबी का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाली सेवाएं किसी भी कानूनी या आधिकारिक निगरानी के दायरे में नहीं आती हैं, जिससे धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। नियामक ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया, “निवेशकों को एक बार फिर सचेत किया जाता है कि वे ऐसे इलेक्ट्रॉनिक मंचों पर किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन न करें और न ही अपनी निजी जानकारियां साझा करें, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स को सेबी की ओर से कोई मान्यता या मंजूरी नहीं दी गई है।”
गौरतलब है कि नियामक संस्था की ओर से इस तरह का यह पहला कदम नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2024 और अगस्त 2016 में भी निवेशकों को इन अवैध माध्यमों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद वर्तमान में कई इंटरनेट वेबसाइटें और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम धड़ल्ले से गैर-सूचीबद्ध शेयरों की ट्रेडिंग की सुविधाएं दे रहे हैं। नियामक ने साफ किया है कि यदि कोई व्यक्ति इन अवैध मंचों पर निवेश करता है, तो उसे कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं होगा। ऐसी स्थिति में निवेशक सेबी, स्टॉक एक्सचेंज या डिपॉजिटरी के निवेशक सुरक्षा कोष, शिकायत निवारण प्रणाली और ऑनलाइन विवाद समाधान जैसे अधिकारों का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
सेबी ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि देश में केवल मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों (स्टॉक एक्सचेंजों) को ही प्रतिभूतियों के लेन-देन और पूंजी जुटाने के लिए अधिकृत मंच प्रदान करने का अधिकार है। इसलिए, किसी भी प्रकार के निवेश या व्यापार से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की कानूनी वैधता और उसकी नियामक स्थिति की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही संस्था ने याद दिलाया कि वे पूर्व में भी अवैध वर्चुअल ट्रेडिंग, पेपर ट्रेडिंग, फैंटेसी गेम्स और बिना पंजीकरण वाले ऑनलाइन डेट सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सतर्कता नोटिस जारी कर चुके हैं। निवेशकों की सुरक्षा इसी में है कि वे केवल पंजीकृत और नियमबद्ध माध्यमों का ही उपयोग करें।