देश में पिछले पंद्रह दिनों से छत्तीसगढ़ की सीमा पर ठहरा हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून सोमवार को दोबारा सक्रिय होकर आगे बढ़ गया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून पश्चिमी तट पर मुंबई से मात्र 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अलीबाग तक पहुंच चुका है और अगले 24 घंटों के भीतर इसके मुंबई में प्रवेश करने की संभावना है। इसी बीच, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे वहां आंधी के साथ वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच देश के कई हिस्सों से जान-माल के नुकसान की खबरें आई हैं। मध्य प्रदेश के 17 जिलों में सोमवार को हुई वर्षा के दौरान छतरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लड़कियां गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनमें से एक ने चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के छह शहरों में सोमवार दोपहर बाद मौसम बदला; बस्ती जिले में तेज अंधड़ और बारिश के कारण पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे सड़क पर यातायात बाधित हो गया। पंजाब के अमृतसर में भी तेज आंधी के कारण एक पेड़ गिरने से एक बच्चे की दुखद मृत्यु हो गई। राजस्थान के बीकानेर, जयपुर और कोटा संभाग के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई, जबकि श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले भी गिरे।
एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां चल रही हैं, वहीं देश के आठ राज्यों में गर्मी का तीखा असर अब भी बरकरार है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना के अनेक शहरों में बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश का प्रयागराज 43.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे देश में सबसे गर्म स्थान रहा। इसके अलावा, महाराष्ट्र के वर्धा में पारा 43 डिग्री, यूपी के बांदा में 41.4 डिग्री, तेलंगाना के आदिलाबाद में 41.3 डिग्री, गुजरात के गांधीनगर में 41 डिग्री, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 40.6 डिग्री, ओडिशा के बौध में 40.2 डिग्री और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
आगामी दो दिनों के मौसम पूर्वानुमान की बात करें तो 24 जून को पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मानसून की सक्रियता के चलते ओडिशा, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश की संभावना है। दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में लू (हीटवेव) का प्रकोप बना रहेगा, जहाँ विदर्भ के आठ जिलों में रातें भी गर्म रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में प्री-मानसून के चलते धूलभरी आंधी और बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
वहीं, 25 जून को भी असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा। इसके अतिरिक्त सिक्किम, कोंकण-गोवा, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में मानसूनी बारिश का दौर जारी रहेगा। आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा, झारखंड और ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में लगातार तीसरे दिन हीटवेव का संकट मंडरा रहा है।
प्रादेशिक स्थिति पर नजर डालें तो राजस्थान के 19 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है; राज्य में 1 से 21 जून तक सामान्य से 41 प्रतिशत अधिक (39.3 मिमी) वर्षा हो चुकी है। इसके विपरीत, मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती के कारण अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है, और यहाँ के 30 शहरों में वर्षा की संभावना के बीच 4 जिलों में लू का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के 39 जिलों में हीटवेव की चेतावनी है, जहां मानसून पिछले 12 दिनों से यूपी-बिहार सीमा पर अटका हुआ है।
बिहार के पटना और गया समेत कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी का माहौल है, जबकि किशनगंज सहित चार जिलों में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के बावजूद अब तक सामान्य से 69 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, और अगले पांच दिनों तक 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड के आठ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है, जबकि रुड़की 38.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। पंजाब के अमृतसर और तरनतारन सहित 12 जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है; वहीं चंडीगढ़ में तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।