अशोकनगर जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में डायल-112 के जवानों ने मानवीय संवेदना और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक भटके हुए मासूम को उसकी मां से मिलाया है। 21 जून को घर से लापता हुए इस 11 साल के बच्चे को पुलिस कर्मियों ने सूझबूझ से तलाश कर समय रहते एक बड़े हादसे को टाल दिया और उसे परिवार तक पहुंचाया।
इस मामले की शुरुआत 21 जून को हुई जब भोपाल में कार्यरत राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को दयाल हॉस्पिटल के समीप से एक 11 वर्षीय बालक के लापता होने की आपातकालीन सूचना मिली। परिजनों की परेशानी को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तत्काल प्रभाव से अशोकनगर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सक्रिय डायल-112 रिस्पॉन्स वाहन को मौके पर पहुंचने के निर्देश जारी किए।
कमांड मिलते ही डायल-112 में तैनात प्रधान आरक्षक आनंद सिकरवार और पायलट नरेंद्र कुमार फौरन घटना स्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने घबराए हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और बच्चे का हुलिया, जरूरी जानकारियां तथा उसकी एक फोटो अपने पास ली। इसके बाद पुलिस टीम ने रणनीतिक रूप से नजदीकी क्षेत्रों और संदिग्ध स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम को कामयाबी हाथ लगी, जब खोजबीन करते हुए वे अशोकनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां उन्हें वह लापता बालक मिल गया, जिसे जवानों ने तुरंत अपनी सुरक्षा में ले लिया। उचित शिनाख्त और आधिकारिक सत्यापन की औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि में यह बात निकलकर आई कि बच्चा अपनी मां द्वारा डांटे जाने के कारण नाराज था और इसी वजह से घर छोड़कर चला गया था। अपने जिगर के टुकड़े को दोबारा सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और डायल-112 सेवा के साथ-साथ मुस्तैद जवानों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
यह पूरा घटनाक्रम ‘डायल-112 हीरोज’ की उस कड़ी का हिस्सा है जो यह रेखांकित करता है कि संकट के समय यह पुलिस सेवा आम जनता और बच्चों की सुरक्षा के लिए कितनी प्रतिबद्ध है, तथा किसी भी विपरीत परिस्थिति में मानवीय सरोकारों के साथ अपनी भूमिका निभा रही है।