लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास: मिरोस्लाव क्लोजा को पीछे छोड़ बने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर

लियोनेल मेसी ने रचा इतिहास: मिरोस्लाव क्लोजा को पीछे छोड़ बने वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर

अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी ने फुटबॉल विश्व कप में सर्वाधिक गोल दागने का एक नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। डलास स्टेडियम में ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मेसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे और जर्मनी के पूर्व दिग्गज मिरोस्लाव क्लोजा के 16 गोलों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इस मैच में अपने सफर की शुरुआत 17वें गोल के साथ क्लोजा को पीछे छोड़कर करने वाले मेसी ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में एक और गोल करके वर्ल्ड कप में अपनी कुल गोल संख्या को 18 तक पहुंचा दिया है।

इस ऐतिहासिक मुकाबले के 39वें मिनट में मेसी ने एक बेहतरीन फील्ड गोल दागकर खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया। इसके बाद मैच के अतिरिक्त समय (95वें मिनट) में उन्होंने मुकाबले का अपना दूसरा गोल करते हुए अर्जेंटीना की 2-0 से जीत सुनिश्चित कर दी। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने इस निर्णायक जीत की बदौलत टूर्नामेंट के राउंड ऑफ-32 में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है। 38 वर्षीय मेसी इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं, जिन्होंने पिछले मैच में अल्जीरिया के विरुद्ध हैट्रिक बनाई थी और वह 5 गोलों के साथ मौजूदा टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं, जबकि जर्मनी के डेनिज उंडाव 3 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

मैच के शुरुआती पलों में मेसी के पास 9वें मिनट में ही इतिहास रचने का स्वर्णिम अवसर आया था। ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों द्वारा लॉटारो मार्टिनेज पर किए गए फाउल के कारण अर्जेंटीना को पेनल्टी दी गई, जिसे मेसी गोल पोस्ट से बाहर मार बैठे। इस चूक के साथ ही उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया; वह विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक तीन पेनल्टी गंवाने वाले पहले फुटबॉलर बन गए हैं। इनसे पहले घाना के असामोआ ग्यान ने दो पेनल्टी मिस की थीं। इसके बाद 18वें मिनट में भी मेसी को एक मौका मिला, लेकिन ऑस्ट्रिया के रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों ने उनके शॉट को रोक दिया, जबकि गोलकीपर डेविड अलाबा ने भी गोललाइन के बिल्कुल करीब एक बेहतरीन बचाव किया।

मुकाबले के 39वें मिनट में अर्जेंटीना के थियागो अल्माडा ने बाईं दिशा से फाकुंडो मेडिना की तरफ एक पास बढ़ाया। मेडिना ने इस गेंद को बॉक्स के किनारे पर मुस्तैद खड़े कप्तान मेसी की ओर पास किया, जिस पर मेसी ने अपने जादुई बाएं पैर से एक दमदार शॉट लगाकर गेंद को नेट के निचले कोने में डाल दिया। यह विश्व कप में मेसी का 17वां गोल था, जिसने क्लोजा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद 95वें मिनट में अर्जेंटीना ने एक तेज काउंटर अटैक किया, जहां स्ट्राइकर जूलियन अल्वारेज के शॉट के रिबाउंड होने पर मेसी ने दो डिफेंडरों को छकाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया और टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी।

इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही मेसी अब विश्व कप के लगातार 6 मुकाबलों में गोल दागने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने फ्रांस के जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जायरजिन्हो के विशिष्ट रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे ठीक पांच दिन पहले मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ टीम की 3-0 की जीत में 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल करके अपने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई थी। इस हैट्रिक के साथ वह विश्व कप में यह कारनामा करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने थे, जिन्होंने 2018 में 33 वर्ष की आयु में हैट्रिक लगाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड तोड़ा था। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अब मेसी के नाम कुल 11 हैट्रिक दर्ज हो चुकी हैं।

लियोनेल मेसी ने आज से ठीक 20 वर्ष पहले 16 जून 2006 को महज 18 साल की उम्र में सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेला था और उसी मैच में अपना पहला गोल भी किया था। दो दशकों के इस लंबे सफर के बाद आज वह इस वैश्विक प्रतियोगिता के इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर बन चुके हैं। मेसी अपने करियर का रिकॉर्ड छठा विश्व कप खेल रहे हैं और वह फुटबॉल इतिहास के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने 6 अलग-अलग विश्व कप में हिस्सा लिया है। इसके साथ ही विश्व कप में सर्वाधिक 28 मैच खेलने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *