नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) बैठक के समापन के बाद, सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकारों और उच्चस्तरीय अधिकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए बताया कि ब्रिक्स देशों के सुरक्षा प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी यह बैठक बेहद सकारात्मक रही।
प्रधानमंत्री ने मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स संगठन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच इस समूह की जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। उनके अनुसार, यह मंच आपसी सुरक्षा सहयोग को प्रगाढ़ बनाने के साथ-साथ आतंकवाद, साइबर अपराध और आधुनिक तकनीकों से उत्पन्न होने वाले खतरों जैसी साझा चुनौतियों का सामना करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की अध्यक्षता का मुख्य फोकस व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देना, विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं को मजबूती से उठाना और एक सुरक्षित व समावेशी विश्व के निर्माण में अपना योगदान देना है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में ब्रिक्स देशों के सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने वैश्विक सुरक्षा के समक्ष मौजूद गंभीर संकटों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान पारंपरिक खतरों के अलावा गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को सुरक्षित रखने, आतंकी गुटों द्वारा नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा होने वाले संकटों से निपटने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ।
मंत्रालय ने जानकारी दी कि सुरक्षा प्रमुखों ने ब्रिक्स के ‘आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह’ और ‘सूचना एवं संचार तकनीकों के सुरक्षित इस्तेमाल’ से संबंधित वर्किंग ग्रुप्स द्वारा किए गए कार्यों और उनके परिणामों की समीक्षा भी की। गौरतलब है कि आतंकवाद विरोधी कार्य समूह की बैठक इसी वर्ष 21-22 मई को संपन्न हुई थी, जबकि सूचना और संचार तकनीक से जुड़े समूह की बैठक का आयोजन चालू माह की शुरुआत में किया गया था।
आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, बैठक में शामिल सभी नेताओं ने ब्रिक्स देशों के बीच आंतरिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके तहत सदस्य देशों की क्षमताओं को विकसित करने, खुफिया जानकारियों को साझा करने और आतंकवाद व साइबर अपराधियों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। सभी देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद के समूल नाश के संकल्प को दोहराया और आतंकी संगठनों द्वारा आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता का समर्थन किया।
बैठक के अंतिम चरण में, सभी उपस्थित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस सफल सुरक्षा वार्ता के समापन के बाद ही सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की।