अमरनाथ यात्रा 2026: उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा की ‘प्रथम पूजा’ के साथ वार्षिक तीर्थयात्रा का आधिकारिक शुभारंभ

अमरनाथ यात्रा 2026: उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा की ‘प्रथम पूजा’ के साथ वार्षिक तीर्थयात्रा का आधिकारिक शुभारंभ

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने पवित्र श्री अमरनाथ जी गुफा में पारंपरिक ‘प्रथम पूजा’ संपन्न की, जिसके साथ ही साल 2026 की वार्षिक तीर्थयात्रा का औपचारिक आगाज हो गया है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच इस पवित्र अनुष्ठान को पूरा किया गया। इस दौरान जम्मू में तवी नदी के तट पर भी विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ, जिसमें महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास, जम्मू के डिप्टी कमिश्नर दिनेश चंद्र और स्थानीय विधायकों सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

प्रशासन ने इस बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों के आवागमन और अन्य साजो-सामान से जुड़ी तैयारियों का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए एक विस्तृत ‘ड्राई रन’ (पूर्वाभ्यास) आयोजित किया गया। इस ट्रायल के तहत सुरक्षाबलों और प्रशासनिक वाहनों के काफिले को जम्मू के भगवती नगर मुख्य आधार शिविर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यह अभ्यास काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरते हुए उधमपुर के रास्ते बनिहाल की ओर बढ़ा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य मुख्य यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी व्यवस्थाओं को परखना था। रामबन जिले के चंदरकोट में विशेष रूप से काफिले की आवाजाही और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी संभावित बाधा से निपटा जा सके।

इस व्यापक पूर्वाभ्यास की निगरानी के लिए प्रशासन और सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी जमीन पर मौजूद रहे। इसमें जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार, आईजीपी जम्मू भीम सेन तुती के साथ-साथ नागरिक प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारतीय सेना और अन्य खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने रूट पर सुरक्षा ग्रिड और सुरक्षा बलों की तैनाती की प्रत्यक्ष समीक्षा की।

जम्मू संभाग में भी यात्रा से पूर्व एक अन्य विशेष ड्राई रन का आयोजन किया गया। इस अभ्यास सत्र में डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार सहित पुलिस और केंद्रीय बलों के आला अफसरों ने भाग लिया। इस दौरान न केवल सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को देखा गया, बल्कि यातायात प्रबंधन और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, पानी तथा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *