सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी विक्टोरिया के स्टैड लिनिटे स्टेडियम में रविवार को आयोजित भव्य परेड में भारतीय सेना और नौसेना के जवानों ने हिस्सा लिया। इस गौरवपूर्ण मार्च पास्ट के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खड़े होकर सैन्य टुकड़ियों का अभिवादन किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। स्वर्ण जयंती के इस राष्ट्रीय उत्सव में प्रधानमंत्री के साथ भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी शामिल हुए।
इस शानदार समारोह के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी ने मुख्य आकर्षण का केंद्र बनते हुए अपनी असम रेजिमेंट का सुप्रसिद्ध और ऊर्जावान मार्चिंग गीत ‘बदलू राम का बदन’ प्रस्तुत किया। यह जोशीला युद्धघोष परेड के सबसे प्रभावी क्षणों में से एक रहा। इस भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर समारोह की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय दिवस परेड में असम रेजिमेंट और नौसेना के दलों का शामिल होना भारत तथा सेशेल्स के मध्य स्थापित प्रगाढ़ और ऐतिहासिक मैत्री संबंधों का एक जीवंत प्रमाण है। इसके साथ ही उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के प्रति इस गरिमामयी आतिथ्य के लिए आभार भी जताया।
भारतीय नौसेना ने भी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि बंदरगाह पर प्रवास के दौरान उनके युद्धपोत ‘तरकश’ और ‘आईएनएस इक्षक’ ने 29 जून को आयोजित इस स्वर्ण जयंती समारोह में सहभागिता की। नौसेना के इस दल में एक विशेष मार्चिंग टुकड़ी के साथ उनका पारंपरिक बैंड भी शामिल था, जिसने अपनी धुनों से समां बांधा।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बैठकें भी कीं। उन्होंने सेशेल्स के विपक्षी नेता बर्नार्ड जॉर्जेस के साथ द्विपक्षीय चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों देशों के आपसी संबंधों की विस्तार से समीक्षा की गई है। प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली में दिए गए अपने वक्तव्य के बाद विपक्षी नेता की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत-सेशेल्स के प्रगाढ़ रिश्तों को वहां के सभी राजनीतिक दलों और समाज के हर वर्ग का पूरा समर्थन प्राप्त है।
इसके इतर, प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ भी एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिट’ के दौरान हुई अपनी चर्चाओं को याद किया। उन्होंने कहा कि यह संवाद भारत-मॉरिशस के संबंधों को एक नया आयाम देने पर केंद्रित था। दोनों नेताओं ने ‘एनहैंस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत आ रहे सकारात्मक बदलावों पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज’ के अंतर्गत संचालित हो रही विभिन्न ढांचागत और विकास संबंधी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस बातचीत में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, व्यावसायिक कौशल, हरित ऊर्जा और साइबर सुरक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग का दायरा और अधिक बढ़ाने पर गहन सहमति जताई। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए वहां के नागरिकों की मेहमाननवाज़ी की सराहना की और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया।