जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुनियादी ढांचे के विकास के तहत एक बड़ी कामयाबी मिली है। रामबन जिले में नवनिर्मित 3.5 किलोमीटर लंबी ‘एटी-03 साउथ बाउंड टनल’ को वाहनों के आवागमन के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। पंथ्याल और डिगडूल को आपस में जोड़ने वाले इस मार्ग के आगामी कुछ दिनों में चालू होने की संभावना है। इस नए रास्ते के बन जाने से आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 के श्रद्धालुओं को ‘खूनी नाला’ और पंथ्याल जैसे अत्यधिक संवेदनशील व जोखिम भरे क्षेत्रों से नहीं गुजरना होगा, जिससे उनकी यात्रा हर मौसम में सुरक्षित और तीव्र हो सकेगी।
इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तकरीबन 846 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया गया है। ‘एटी-03 टनल’ को इस राष्ट्रीय राजमार्ग के सबसे मुख्य और रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के क्रियान्वयन से देश के इस अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग पर परिवहन व्यवस्था में सुधार आएगा, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी तथा यात्रियों के समय की बचत के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी निर्बाध रूप से हो सकेगी।
विगत कई दशकों से इस हाईवे पर स्थित पंथ्याल और ‘खूनी नाला’ के खंड चालकों के लिए सबसे बड़े खतरे के केंद्र बने हुए थे। विशेषकर मानसून की ऋतु में इन स्थानों पर भूस्खलन होने, पहाड़ियों से चट्टानें खिसकने, अचानक बाढ़ आने और घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगने की घटनाएं आम थीं, जिससे पूरा मार्ग ठप हो जाता था।
इस नई सुरंग के क्रियान्वयन के बाद अब वाहनों को इन जानलेवा रास्तों का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे पूरे वर्ष एक सुगम और विश्वसनीय संपर्क मार्ग उपलब्ध रहेगा। वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा के दौरान यह सुरंग एक गेम-चेंजर की भूमिका निभाएगी, क्योंकि इससे न केवल जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच आवागमन करने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि राजमार्ग पर लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी।
स्थानीय निवासियों, परिवहन संघों और पर्यटकों ने इस विकास कार्य की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि पर्यटन को गति मिलेगी, व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा और पूरे क्षेत्र की सालभर की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सरकार के निरंतर प्रयासों का एक बड़ा प्रमाण है।
परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए सरला लिमिटेड के तकनीकी प्रबंधक हरीश कुंजा ने बताया, “3.5 किलोमीटर लंबी एटी-3 साउथ बाउंड टनल परियोजना की कुल लागत 846 करोड़ रुपये है। हमारा लक्ष्य अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले इसे यातायात के लिए पूरी तरह खोल देने का है। निर्माण का मुख्य हिस्सा संपन्न किया जा चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग व सपोर्ट से जुड़े अंतिम चरण के कार्य किए जा रहे हैं। वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए यह टनल अब लगभग तैयार है।”
वहीं, इस टनल के महत्व को रेखांकित करते हुए स्थानीय निवासी नरेश सिंह ने कहा, “इस सुरंग के बन जाने से अब आम जनता को खूनी नाला वाले पुराने और खतरनाक रास्ते से निजात मिल जाएगी। पहले जो बाहरी सड़क थी, वहां लगातार गंभीर हादसे होते रहते थे। खूनी नाला में आज भी पहाड़ों से पत्थर गिरते हैं, लेकिन अब इस टनल के माध्यम से लोग उस दुर्घटना संभावित क्षेत्र से पूरी तरह बचकर निकल सकेंगे। जम्मू-श्रीनगर के बीच चलने वाले वाहनों के लिए अब भूस्खलन या पत्थरों की चपेट में आने का डर समाप्त हो जाएगा।”