मध्यप्रदेश ने सोमवार को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए हरित विकास की दिशा में कदम आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने संयुक्त रूप से नीमच में 500 मेगावाट तथा शाजापुर में 450 मेगावाट की क्षमता वाले सोलर पार्कों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला समेत शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के दौरान दोनों मुख्य अतिथियों ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों तथा विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने साझा किया कि राज्य के आगर मालवा जिले में भी 550 मेगावाट का सोलर पार्क निर्माणाधीन है, जिसके लिए क्रमशः ₹2.44 और ₹2.45 प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शुमार हो जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ₹160 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नीमच के 98 स्थानीय विकास कार्यों की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य का मुख्य ध्येय स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। उन्होंने बताया कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में ₹33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग ₹10 लाख करोड़ के प्रस्तावों पर काम शुरू हो चुका है। साथ ही ₹9,200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी आ रहा है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि नीमच का नया सोलर पार्क देश का सबसे किफायती बिजली उत्पादक केंद्र बन गया है, जहाँ से ₹2.14 प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। उन्होंने नीमच को ‘ग्रीन पावर सेक्टर की ग्लोबल कैपिटल’ बताते हुए कहा कि यहाँ देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में वर्तमान में 675 मेगावाट की परियोजनाएं चालू हैं और 1,952 मेगावाट क्षमता पर काम जारी है। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1200 करोड़ के सोलर ग्लास प्लांट का भूमि-पूजन किया गया और उज्जैन-जावरा-भोपाल राजमार्ग व मंदसौर-भोपाल हाईवे के निर्माण की कार्ययोजना साझा की गई। मुख्यमंत्री ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अल्प समय में ₹10,000 करोड़ की लागत से 2 लाख से अधिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया है, जिसमें नीमच पूरे राज्य में पहले और देश में दसवें स्थान पर रहा।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष पंजाब को पीछे छोड़ते हुए किसानों से ₹2625 प्रति क्विंटल की दर पर रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की सरकारी खरीदी की गई है। किसानों की सुविधा के लिए अब दिन के समय भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज वाले फसली ऋण को चुकाने की अनिवार्य तारीख (31 मार्च) को समाप्त कर दिया गया है, और अब किसानों को ऋण लेने के बाद पूरे 12 महीने की अवधि का समय मिलेगा। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में लाड़ली बहनों को ₹1500 की मासिक राशि, पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा, और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद के लिए ₹25,000 की प्रोत्साहन वाली ‘राहवीर योजना’ का संचालन किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्रीराम गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय, सांदीपनि विद्यालय, गीता भवन और ‘वृंदावन गांव’ विकसित करने जैसे सांस्कृतिक कार्य भी प्रगति पर हैं। भादवा माता मंदिर परिसर के लिए भी ₹17 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में स्थापित यह सौर ऊर्जा टैरिफ दुनिया में सबसे कम दरों में से एक है। उन्होंने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम-कुसुम और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देश में कुल बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान अब 50 प्रतिशत को पार कर चुका है, जो 2014 के 2.6 गीगावाट से बढ़कर अब 157 गीगावाट हो चुका है। उन्होंने मध्यप्रदेश को आगामी दो वर्षों में अपनी पवन ऊर्जा क्षमता में 10 गीगावाट की वृद्धि करने का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया ताकि उत्पादन लागत को और कम किया जा सके। उन्होंने हाल ही में स्वीकृत ₹5,960 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लाभ भी मध्यप्रदेश को मिलने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने प्रतिबद्धता जताई कि आने वाले वर्ष में प्रदेश के समस्त शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित किया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों में पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने नीमच हवाई पट्टी के व्यावसायिक उपयोग के निर्णय की सराहना की, और विधायक दिलीप सिंह परिहार ने चिकित्सा और सिंचाई परियोजनाओं से क्षेत्र को होने वाले प्रत्यक्ष लाभों को रेखांकित किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जनसिंह चौहान सहित अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव एवं मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमित तोमर सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।