केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ग्रीस के विकास मंत्री टाकिस थियोडोरिकाकोस के साथ एथेंस में एक द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत और ग्रीस के बीच व्यापार, निवेश, औद्योगिक समन्वय और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को विकसित करना है। दोनों नेताओं ने विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्रों में आपसी भागीदारी बढ़ाने पर सहमति जताई ताकि दोनों देशों के लिए प्रगति के समान अवसर पैदा किए जा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए इस बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने विनिर्माण और नवाचार (इनोवेशन) के नए विकल्पों को तलाशने पर विशेष ध्यान दिया है। भारत और ग्रीस के मध्य व्यापारिक रिश्तों को एक नया आयाम देने के लिए औद्योगिक तालमेल और एक टिकाऊ सप्लाई चेन के निर्माण को आवश्यक बताया गया है, जिससे भविष्य की आर्थिक चुनौतियों का सामना मिलकर किया जा सके।
पीयूष गोयल वर्तमान में भारतीय उद्यमियों और व्यापारिक जगत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ग्रीस की यात्रा पर हैं। इस राजनयिक और आर्थिक दौरे का प्राथमिक लक्ष्य द्विपक्षीय निवेश को गति देना और रणनीतिक आर्थिक मोर्चे पर आपसी रिश्तों को सुदृढ़ करना है। अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय दल एथेंस स्टार्टअप बिजनेस इन्क्यूबेटर (टीएचईए) के एक विशेष कार्यक्रम में भी सम्मिलित होगा, जहां नए विचारों और स्टार्टअप्स की प्रस्तुतियों के माध्यम से नवाचार आधारित सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, भारतीय प्रतिनिधिमंडल एथेंस चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसीसीआई) में ग्रीस के उद्योगपतियों के साथ एक गोलमेज सम्मेलन में भाग लेगा। इस बैठक में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों को करीब लाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), डिजिटल तकनीक, रक्षा, खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति बनाई जाएगी।
ग्रीस के इस महत्वपूर्ण दौरे से ठीक पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ब्रिटेन की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर थे। लंदन में उन्होंने ‘इंडिया-यूके: पार्टनर्स इन प्रोग्रेस बिजनेस प्लेनरी’ को संबोधित किया था। उस आयोजन के दौरान भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) की प्रगति की सराहना की गई थी और इसे दोनों देशों के वाणिज्यिक हितों के लिए बेहद जरूरी कदम बताया गया था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्रिटेन के तत्काल बाद ग्रीस का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वैश्विक आर्थिक नीति का एक अहम हिस्सा है। इस नीति के तहत भारत दुनिया के प्रमुख देशों के साथ अपने आर्थिक गठजोड़ को मजबूत कर रहा है, ताकि वैश्विक बाजारों में देश की व्यापारिक कूटनीति को नया विस्तार दिया जा सके और नवाचार आधारित विकास को रफ्तार मिले।