भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 30 जून को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में कमजोरी का रुख देखने को मिल रहा है। शुरुआती कारोबार में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स लगभग 100 अंकों की गिरावट के साथ 76,650 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 50 से अधिक अंक टूटकर 23,900 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स के शेयरों में हो रही चौतरफा बिकवाली को माना जा रहा है।
इस गिरावट से पहले, बीते कारोबारी दिन यानी 29 जून को भी बाजार लाल निशान में ही बंद हुआ था। सोमवार को सेंसेक्स में 372 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी और यह 76,728 के स्तर पर आकर रुका था। इसी तरह निफ्टी भी करीब 110 अंक फिसलकर 23,946 के स्तर पर बंद हुआ था, जिससे बाजार में लगातार दो दिनों से मंदी का माहौल बना हुआ है।
वैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 52 अंक (0.69%) की मजबूती के साथ 8,474 पर और जापान का निक्केई 649 अंक (0.93%) की बढ़त लेकर 70,117 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में कमजोरी देखी जा रही है। हैंगसेंग 242 अंक (0.93%) की गिरावट के साथ 22,785 के स्तर पर आ गया है। इससे उलट, सोमवार को अमेरिकी बाजारों में शानदार तेजी दर्ज की गई थी, जहां डाउ जोन्स 307 अंक (0.59%) चढ़कर 52,183 पर, नैस्डैक 523 अंक (2.07%) की लंबी छलांग लगाकर 25,820 पर और एसएंडपी 500 इंडेक्स 86 अंक (1.18%) की बढ़त के साथ 7,440 के स्तर पर बंद हुआ था।
बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है। पिछले 7 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से 2,810 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। अगर केवल नवीनतम आंकड़ों की बात करें तो FII ने 1,350 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि पिछले 30 दिनों में यह आंकड़ा 46,472 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने का प्रयास किया है। DII ने नवीनतम सत्र में 2,802 करोड़ रुपये, पिछले 7 दिनों में 12,187 करोड़ रुपये और बीते 30 दिनों में कुल 78,958 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है।