मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पुलिस की सतर्कता और तत्परता के चलते एक नवजात शिशु को सुरक्षित बचा लिया गया है। पोहरी थाना क्षेत्र के अगररा गांव में मंगलवार, 30 जून को एक लावारिस नवजात बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया, जिसे डायल-112 की टीम ने सूचना मिलते ही तुरंत रेस्क्यू किया और समय रहते अस्पताल पहुंचाया। पुलिस जवानों की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की वजह से बच्चे को मौके पर ही जरूरी मेडिकल केयर मिल सकी, जिससे उसकी जान सुरक्षित है।
मामले की शुरुआत 30 जून को हुई, जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को एक आपातकालीन सूचना मिली। फोन करने वाले ने बताया कि पोहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अगररा गांव में नहर के पास एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा हुआ है, जिसे कोई अनजान व्यक्ति वहां छोड़कर फरार हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम ने तुरंत पोहरी क्षेत्र में गश्त कर रही डायल-112 गाड़ी को घटनास्थल के लिए रवाना किया और साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन में तैनात आरक्षक राम निवास सिंह और पायलट कमल किशोर शर्मा बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि बच्चा असुरक्षित स्थिति में वहां पड़ा हुआ था। दोनों जवानों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत शिशु को अपनी सुरक्षा में लिया। इसके बाद, बिना किसी देरी के नवजात को आपातकालीन वाहन से सीधे पोहरी के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने फौरन उसका इलाज शुरू किया।
यह पूरी घटना डायल-112 की ‘हीरोज’ श्रृंखला का हिस्सा बनी है, जो यह साबित करती है कि यह सरकारी हेल्पलाइन सिर्फ सामान्य आपातकालीन पुलिस सहायता तक ही सीमित नहीं है। संकट के समय में इस तरह की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई यह दर्शाती है कि पुलिस बल हर परिस्थिति में असहाय बच्चों और जरूरतमंद नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ चौबीसों घंटे तैनात है।