अमरनाथ यात्रा के शुरुआती चार दिनों में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आगमन, अब तक 85 हजार से अधिक ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा के शुरुआती चार दिनों में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आगमन, अब तक 85 हजार से अधिक ने किए दर्शन

पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुरुआती चार दिनों के भीतर ही बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 85,779 तक पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 28,818 तीर्थयात्रियों ने 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में मत्था टेका। इस वर्ष 3 जुलाई से प्रारंभ हुई इस वार्षिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और प्रशासन के मुताबिक यात्रियों का आंकड़ा लगातार ग्राफ ऊपर की ओर ले जा रहा है।

सोमवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। प्रतिकूल मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बाद भी तीर्थयात्रियों के हौसले पस्त नहीं हुए और उन्होंने दोनों पारंपरिक मार्गों—बालटाल व पहलगाम—से अपनी चढ़ाई जारी रखी। खराब मौसम के बीच ही हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन की अपनी मनोकामना पूरी की।

सोमवार को दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का एक बड़ा जत्था उसी शाम को सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप वापस आ गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप तक लौटने में सामान्यतः तीन से चार दिनों का समय लग जाता है। यही कारण है कि पहलगाम के रास्ते पवित्र गुफा तक पहुंचने वाले अधिकांश श्रद्धालु वापसी के लिए बालटाल मार्ग का चयन कर रहे हैं, जिससे वे उसी दिन आधार शिविर तक वापस लौट सकें।

वर्तमान में दोनों ही यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। देश के कोने-कोने से आ रहे तीर्थयात्रियों के कारण नुनवान और बालटाल बेस कैंपों सहित सभी प्रमुख पड़ावों पर लगातार चहल-पहल बनी हुई है। हर रोज हजारों की तादाद में नए यात्रियों के पहुंचने से संपूर्ण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है।

प्रशासन ने अमरनाथ यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए हैं। दोनों मुख्य बेस कैंपों और रास्ते के विश्राम स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह लंगरों की व्यवस्था की गई है, जहाँ यात्रियों को मुफ्त भोजन दिया जा रहा है। इसके साथ ही, बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक के मार्ग पर ठहरने के लिए हजारों टेंटों का इंतजाम किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सतर्कता के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से मौसम के पल-पल के बदलाव की जानकारी प्रसारित की जा रही है, ताकि वे अपनी आगे की कार्ययोजना बना सकें।

सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। पहलगाम और बालटाल से लेकर गुफा तक के पूरे क्षेत्र को चार-स्तरीय सुरक्षा चक्र में लिया गया है। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और यात्रा मार्गों की कमान भारतीय सेना के जवानों के हाथों में है, जबकि दोनों प्रमुख बेस कैंपों की आंतरिक सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) संभाल रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान भी पूरी व्यवस्था में मुस्तैदी से सहयोग कर रहे हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त हिदायत जारी की है कि तीर्थयात्री केवल अपनी तय पंजीकरण तिथि पर ही यात्रा के लिए आगे बढ़ें। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी अपंजीकृत व्यक्ति या निर्धारित तिथि से पहले पहुंचने वाले श्रद्धालु को बेस कैंपों की तरफ जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर, जम्मू में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंगलवार सुबह से ही तवी रिवरफ्रंट, पुरानी मंडी के राम मंदिर और गीता भवन स्थित टोकन व रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लंबी लाइनें देखी गईं। प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि बिना वैध पंजीकरण के किसी भी यात्री को आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *