क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर समाप्त;  कहा- नहीं है कोई मलाल

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर समाप्त; कहा- नहीं है कोई मलाल

पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा विश्व कप का सफर स्पेन के खिलाफ अंतिम-16 (राउंड ऑफ 16) के मुकाबले में मिली शिकस्त के साथ ही खत्म हो गया है। 41 वर्षीय इस दिग्गज खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि यह उनके जीवन का अंतिम विश्व कप टूर्नामेंट था। उन्होंने खेल के प्रति अपनी संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने मैदान पर हमेशा अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया, इसलिए उन्हें करियर के इस पड़ाव पर कोई पछतावा नहीं है।

स्पेन के हाथों मिली पराजय के उपरांत स्पोर्ट टीवी से चर्चा करते हुए पुर्तगाली कप्तान ने कहा कि वह मानसिक रूप से ठीक हैं, लेकिन विश्व कप से इस तरह बाहर होने का दुख जरूर है। रोनाल्डो ने पहले की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए दोहराया कि उन्होंने देश के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने पुष्टि की कि वह अब अपने करियर में सातवें विश्व कप का हिस्सा नहीं बनेंगे और आने वाला समय अपने परिवार के साथ व्यतीत करेंगे, हालांकि भविष्य की योजनाओं को लेकर वह जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने विश्व कप के इतिहास में कई ऐतिहासिक कीर्तिमान अपने नाम दर्ज कराए हैं। उन्होंने अपने करियर में कुल 27 विश्व कप मैच खेलकर 11 गोल दागे। वह दुनिया के इकलौते ऐसे फुटबॉलर बन गए हैं जिन्होंने छह अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने का गौरव हासिल किया है। इस मौजूदा टूर्नामेंट में भी उन्होंने तीन बार गेंद को नेट में डाला, जिसमें उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिली 5-0 की एकतरफा जीत में उनके दो शानदार गोल शामिल थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपने करियर में पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में गोल करने की उपलब्धि भी प्राप्त की, जब क्रोएशिया के विरुद्ध पेनल्टी पर किए गए उनके गोल ने पुर्तगाल को अंतिम-16 में जगह दिलाई।

इस महान खिलाड़ी के विश्व कप सफर की शुरुआत वर्ष 2006 में जर्मनी की धरती से हुई थी। अपने पहले ही टूर्नामेंट में ईरान के खिलाफ पहला गोल दागकर उन्होंने पुर्तगाल को 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सेमीफाइनल में पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने निरंतरता बनाए रखते हुए साल 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के विश्व कप आयोजनों में भाग लिया तथा प्रत्येक संस्करण में कम से कम एक गोल करने का अद्भुत रिकॉर्ड कायम रखा।

अपने अंतरराष्ट्रीय सफर पर संतोष व्यक्त करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि वह बिना किसी अफसोस के अगली सुबह की शुरुआत करेंगे। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि उनके टीम में आने से पहले पुर्तगाल ने कभी कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था, लेकिन उनके रहते देश ने तीन बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अब जीवन में आगे बढ़ने का समय है।

भले ही रोनाल्डो ने साल 2016 में पुर्तगाल को यूरोपीय चैम्पियनशिप (यूरो कप) की ऐतिहासिक ट्रॉफी दिलाई और दो बार यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी देश की झोली में डाला, लेकिन विश्व कप की सुनहरी ट्रॉफी को चूमने का उनका सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया। इस वैश्विक मंच पर उनका सर्वश्रेष्ठ सामूहिक प्रदर्शन 2006 का ही रहा, जब पदार्पण करते हुए उन्होंने अपनी टीम को अंतिम चार (सेमीफाइनल) तक पहुंचाया था।

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