कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर गुरुवार देर रात खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। भारतीय टीम से मिले 234 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 44.1 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर विजय प्राप्त की। इंग्लैंड की इस जीत में स्टार बल्लेबाज जो रूट ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने नाबाद 99 रनों की बेहतरीन पारी खेली। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। अब इस सीरीज का निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।
इससे पहले, मुकाबले में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया। भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी की, जिसमें गिल ने 31 रन और रोहित ने 26 रनों का योगदान दिया। कप्तान गिल के आउट होने के बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। हालांकि, रोहित के पवेलियन लौटने के बाद ईशान किशन भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके और जल्दी आउट हो गए। इसके बाद विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 67 रनों की उपयोगी साझेदारी करके भारतीय टीम को 178/3 के स्कोर तक पहुंचाया। इस दौरान कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन और अय्यर ने 71 गेंदों पर 66 रनों की अर्धशतकीय पारियां खेलीं।
एक समय भारतीय टीम बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी और बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन विराट कोहली के आउट होते ही पूरी पारी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। भारतीय टीम ने अंतिम 7 विकेट महज 55 रनों के भीतर गंवा दिए। पुछल्ले बल्लेबाजों में जसप्रीत बुमराह ने 13 गेंदों में नाबाद 20 रनों की तेज पारी खेलकर टीम के स्कोर को 233 रनों तक पहुंचाया, जिसके चलते भारतीय टीम 44 ओवरों में ही ढेर हो गई। इंग्लैंड की गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3-3 विकेट चटकाए। वहीं साकिब महमूद को 2 विकेट मिले, जबकि सैम करन और विल जैक्स ने 1-1 विकेट हासिल किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही और मैच की पहली ही गेंद पर जसप्रीत बुमराह ने बेन डकेट को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेज दिया। इसके तुरंत बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जैकब बेथेल को आउट कर मेजबान टीम का स्कोर 8 रन पर 2 विकेट कर दिया। संकट की इस घड़ी में गुरनूर बरार ने भी अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाया और इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट कर भारत को तीसरी बड़ी सफलता दिलाई।
शुरुआती झटकों के बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने सूझबूझ से पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने पहले सैम करन (26) के साथ मिलकर 41 रनों की और फिर जोस बटलर (17) के साथ 31 रनों की छोटी साझेदारियां कर टीम को संभाला। जब बटलर आउट हुए, तब भारतीय टीम मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही थी। मगर इसके बाद विल जैक्स ने 30 रनों का योगदान देकर रूट का बखूबी साथ निभाया और दोनों ने छठे विकेट के लिए 72 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी कर टीम की जीत तय कर दी।
40वें ओवर में विल जैक्स के पवेलियन लौटने के बाद मैदान पर आए गस एटकिंसन ने 16 गेंदों में 23 रनों की नाबाद और आक्रामक पारी खेली। उन्होंने रूट के साथ सातवें विकेट के लिए 38 रनों की अटूट साझेदारी की। जब इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 1 रन की दरकार थी, तब एटकिंसन ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर चौका जड़कर मैच समाप्त कर दिया। इस चौके की वजह से दूसरे छोर पर खड़े जो रूट 99 रनों पर नाबाद रह गए और अपना शतक पूरा नहीं कर सके। इसके साथ ही वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में 99 रन पर नाबाद लौटने वाले दुनिया के 17वें बल्लेबाज बन गए हैं।