कटनी। मध्य प्रदेश सरकार आगामी वर्षाकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक लाने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्लीमनाबाद (कटनी) में आयोजित शासकीय सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण समारोह के दौरान की। मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा सत्र के आरंभ होने से पूर्व भोपाल के समीप ऐतिहासिक स्थल जगदीशपुर में प्रदेश कैबिनेट की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें यूसीसी के मसौदे को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब राष्ट्र की एकता और समानता के प्रतीक ‘एक देश, एक विधान, एक कानून’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा जगदीशपुर का नाम बदलकर इस्लामनगर रख दिया गया था, जहां अब मंत्रिपरिषद की यह महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसके साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार पर ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की बहनों के खातों में पुनः 1500 रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजी जाएगी। इस कार्यक्रम में खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, विधायक संजय पाठक और विधायक वीरेंद्र सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
समारोह का मुख्य फोकस शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर रहा। मुख्यमंत्री ने कटनी जिले के निवासियों को दो बड़े उपहार देते हुए झिंझरी में 38.61 करोड़ रुपये और बहोरीबंद में 35.63 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए सांदीपनि विद्यालयों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ये विद्यालय डिजिटल युग की नवीनतम तकनीकों और प्राचीन गुरुकुल परंपरा के गौरवशाली मूल्यों का मिश्रण हैं। शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार का ही नतीजा है कि अभिभावक अब अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों से हटाकर इन सांदीपनि विद्यालयों में करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सनातन परंपराओं का गौरव गान करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और सर्व-कल्याण की भावना पर टिकी है। श्रीकृष्ण और सुदामा के संबंधों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रसंग आर्थिक असमानता को भुलाकर समाज में समरसता स्थापित करने की प्रेरणा देता है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में भगवान कृष्ण द्वारा 14 विद्याओं और 64 कलाओं को सीखने की घटना शिक्षा के अनिवार्य महत्व को दर्शाती है। उन्होंने मेधावी छात्रों के लिए लागू सरकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में मुफ्त किताबें और साइकिलें दी जा रही हैं, जबकि बोर्ड परीक्षाओं में 75 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वालों को लैपटॉप और टॉपर्स को स्कूटी दी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि गुरु के महत्व को रेखांकित करने के लिए राज्य में गुरुपूर्णिमा का उत्सव व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा और इसी दृष्टिकोण के तहत कुलपतियों का नाम बदलकर ‘कुलगुरु’ किया गया है।
कृषि और जल प्रबंधन के मोर्चे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है और राज्य सरकार इसी नीति पर आगे चल रही है। उन्होंने ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत स्लीमनाबाद टनल परियोजना को बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया। लगभग 1400 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी टनल परियोजना के पूरा होने से रीवा, पन्ना, सतना, मैहर और कटनी जिलों के किसानों को सिंचाई व आमजन को पीने का पानी प्रचुर मात्रा में मिलेगा, जिससे यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में अग्रणी बनेगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जल्द ही कटनी में एक बड़ा कार्यक्रम कर इस टनल का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने केन-बेतवा लिंक परियोजना से दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और विदिशा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना से मालवा व चंबल संभाग के जिलों को मिलने वाले सिंचाई लाभों का भी उल्लेख किया।