मध्यप्रदेश में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के बीच रीवा जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। मनगवां थाना पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक से मक्के की बोरियों के बीच छुपाकर ले जाया जा रहा 20 क्विंटल 30 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से दो अंतरराज्यीय तस्करों को हिरासत में लिया है और ट्रक सहित करीब 4 करोड़ 61 लाख रुपये की कुल संपत्ति जब्त की है।
यह पूरी कार्रवाई रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत, रीवा रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक हेमंत चौहान और रीवा के पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत अंजाम दी गई। सूचना मिलते ही मनगवां थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
दरअसल, मनगवां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक के जरिए भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। इस इनपुट पर त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस बल ने मनगवां बाईपास पर स्थित ग्राम आंबी ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। जब ट्रक की सघन तलाशी ली गई, तो उसमें मक्के की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट मिले, जिनका वजन 20 क्विंटल 30 किलोग्राम पाया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस खेप को इलाहाबाद की तरफ ले जाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने गांजे की खेप और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस टीम पकड़े गए तस्करों से सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध खेप के स्रोत (सोर्स) और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी सटीक जानकारी मिल सके। इसके साथ ही इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों का पता लगाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा। राज्य में एक तरफ जहां “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत आम लोगों और विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ तस्करी की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।