रामनगर और देहरादून के बीच नई एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

रामनगर और देहरादून के बीच नई एक्सप्रेस रेल सेवा का शुभारंभ, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों के बीच रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रामनगर और देहरादून के मध्य पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का आगाज हो गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से इस नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस विशेष डिजिटल उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्मिलित हुए। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से स्थानीय निवासियों की एक लंबे समय से चली आ रही बड़ी मांग पूरी हो गई है।

यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा साप्ताहिक रूप से दो दिन संचालित की जाएगी, जिसके लिए बुधवार और शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। समय सारणी के अनुसार, गाड़ी संख्या 15310 प्रातः काल 05:50 बजे रामनगर से प्रस्थान करेगी और उसी दिन दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी। वहीं, वापसी दिशा में गाड़ी संख्या 15309 दोपहर बाद 03:55 बजे देहरादून से चलकर रात्रि 11:30 बजे रामनगर वापस पहुंचेगी। अपनी इस यात्रा के दौरान यह ट्रेन काशीपुर, रोशनपुर, पिपल्सना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच शामिल किए गए हैं। इसमें एसी सेकेंड क्लास, एसी थर्ड क्लास, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास, सेकेंड सिटिंग और जनरल सेकेंड क्लास की व्यवस्था की गई है। इस सेवा का सीधा लाभ उत्तराखंड के नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बिजनौर क्षेत्रों के मुसाफिरों को मिलेगा। यह समय सारणी विशेष रूप से छात्रों, किसानों और व्यापारियों के लिए अनुकूल है, जो एक ही दिन में अपनी यात्रा पूरी कर काम निपटा सकेंगे।

इस सीधी रेल सेवा से क्षेत्र के पर्यटन और तीर्थाटन को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, प्रसिद्ध गिरिजा देवी मंदिर और सीतामढ़ी-सीतावनी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब काफी सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार और देहरादून के रास्ते बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की पावन चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इस बेहतर रेल नेटवर्क से बड़ी राहत मिलेगी।

रेलवे के बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हरिद्वार स्टेशन पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को एक प्रमुख फीडर स्टेशन के तौर पर अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में देहरादून, हरिद्वार जंक्शन, हर्रावाला, काशीपुर जंक्शन, किच्छा, कोटद्वार, रुड़की, काठगोदाम, लाल कुआं जंक्शन, रामनगर और टनकपुर सहित कुल 11 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है। रेल मंत्री ने आश्वस्त किया कि इस विकास कार्य में निर्धन और मध्यम वर्ग की जरूरतों तथा स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस राज्य की आंतरिक रेल कनेक्टिविटी को एक नया आयाम प्रदान करेगी। केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना पर भी युद्धस्तर पर कार्य जारी है, जो भविष्य में उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास की मुख्य जीवनरेखा बनेगी। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी रेखांकित किया कि उत्तराखंड को रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए इस बार रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन प्राप्त हुआ है, और वर्तमान में राज्य के भीतर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न रेलवे योजनाओं पर सक्रियता से काम किया जा रहा है।

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