निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में शुमार एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1) के लिए अपने standalone वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में उसका शुद्ध लाभ बीते वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.98 प्रतिशत बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, यह वित्तीय प्रदर्शन विश्लेषकों के अनुमानों से पीछे रह गया, जहां सीएनबीसी-टीवी18 के बाजार पोल में मुनाफे का अनुमान 19,332 करोड़ रुपये लगाया गया था।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से होने वाली शुद्ध कमाई यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 6.7 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई है। इस वृद्धि के बाद बैंक की कुल शुद्ध ब्याज आय 33,535.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, मुनाफाखोरी की तरह ब्याज आय की यह विकास दर भी बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही, जिसने इस तिमाही के लिए 34,353 करोड़ रुपये का पोल अनुमान व्यक्त किया था।
मार्जिन के मोर्चे पर, बैंक का कुल परिसंपत्तियों के आधार पर शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 3.26 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया है। इसके विपरीत, बैंक ने जानकारी दी है कि यदि केवल उन संपत्तियों की गणना की जाए जो सीधे तौर पर ब्याज अर्जित करती हैं, तो यह मार्जिन सुधरकर 3.40 प्रतिशत पर पहुंच जाता है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) के विश्लेषण से पता चलता है कि 30 जून, 2026 तक बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (Gross NPA) कुल एडवांस का 1.17 प्रतिशत था। यह आंकड़ा बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही (31 मार्च, 2026) के 1.15 प्रतिशत से थोड़ा सा ज्यादा है, लेकिन एक वर्ष पूर्व की समान तिमाही के 1.40 प्रतिशत के मुकाबले काफी बेहतर है। इसी तरह, 30 जून 2026 की स्थिति के अनुसार बैंक का शुद्ध एनपीए (Net NPA) 0.41 प्रतिशत दर्ज हुआ।
बैंक ने संभावित घाटे और आकस्मिकताओं से निपटने के लिए किए जाने वाले वित्तीय प्रावधानों (प्रोविजन्स एंड कंटिंगेंसीज) के तहत पहली तिमाही में ₹3,060 करोड़ की राशि आवंटित की है। इस आर्थिक प्रावधान के साथ ही समीक्षाधीन अवधि में बैंक का कुल क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.40 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
पूंजी बाजार में बैंक के इक्विटी शेयरों के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को एचडीएफसी बैंक का शेयर मूल्य 1.4 प्रतिशत की मजबूती के साथ 819.60 रुपये पर बंद हुआ था। इसके बावजूद, कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक निवेशकों को इस शेयर में 17.2 प्रतिशत का घाटा उठाना पड़ा है, जो कि व्यापक बाजार सूचकांक निफ्टी 50 में आई 6.9 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में काफी अधिक है।