मध्य पूर्व में गहराते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले
सोमवार को शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। सुबह 9:15 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 472 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटकर 77,672 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 122 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 24,221 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में व्यापार की शुरुआत होते ही वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसने सूचकांकों पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। इस दौरान निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त निफ्टी सर्विसेज, रियल्टी, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी और इंडिया डिफेंस इंडेक्स भी नुकसान के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
दूसरी ओर, प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कुछ क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी पीएसयू बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल, ऑयल एंड गैस, कमोडिटीज, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स मजबूती दिखाते हुए हरे निशान में बने रहे। वहीं, मझोले और छोटे शेयरों में सीमित दायरा ही देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के 62,424 के स्तर पर सपाट रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 10 अंकों की मामूली नरमी दर्ज की गई और वह 19,287 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक, ट्रेंट, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी बढ़त हासिल करने में सफल रहे। इसके विपरीत एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, इटरनल, एमएंडएम, एचयूएल, टीसीएल, बीईएल और बजाज फिनसर्व के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
भारतीय बाजार में दिख रही इस बिकवाली का मुख्य कारण मध्य पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष को माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार किए जा रहे हमलों की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है, जो वैश्विक स्तर पर निर्यात होने वाले कुल कच्चे तेल के 20 प्रतिशत हिस्से का प्रमुख समुद्री मार्ग है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उसने हमलों का एक नया चरण शुरू किया है, जिसका मकसद इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को सीमित करना है। इसके जवाब में ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी मिसाइलों ने उसके कुछ शहरों को निशाना बनाया है।
वैश्विक बाजारों के रुझान की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। जहां शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, वहीं बैंकॉक और सियोल के बाजारों में गिरावट रही। इससे पहले शुक्रवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाउ जोन्स 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।