भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से 21 जुलाई को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, देश भर में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में देर रात हुई वर्षा से जहां भीषण गर्मी और उमस का असर समाप्त हुआ है, वहीं पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के कारण 23 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 21 और 22 जुलाई को तेज गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के साथ भारी बारिश का अंदेशा है। मौसम विभाग ने इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने तथा दिन भर घने बादल छाए रहने का अनुमान है। शाम के समय 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 22 जुलाई को भी अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है।
23 जुलाई से मौसम में सुधार आने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहेगा तथा केवल मध्यम वर्षा होगी। 24 से 26 जुलाई के दौरान तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर रहेगा और आर्द्रता का स्तर 55 से 80 प्रतिशत के मध्य रहेगा। आगामी दो दिनों में भारी वर्षा के चलते सड़कों पर जलभराव, यातायात में व्यवधान और वृक्षों की शाखाएं टूटने का जोखिम बना रहेगा। इसे देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से परहेज करने तथा मौसम संबंधी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का परामर्श दिया गया है।
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा से परिस्थितियां बेहद संवेदनशील बनी हुई हैं। जम्मू-कश्मीर में बीते दो दिनों में बाढ़ के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 23 पहुंच गया है, जबकि राजौरी और पुंछ के इलाकों में 7 लोग बेपत्ता हैं। इस बीच, खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा को बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से लगातार तीसरे दिन रोक दिया गया है।
पूर्वोत्तर में असम के गुवाहाटी में सोमवार को भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से नेशनल हाईवे-715 का एक भाग पानी में डूब गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों में 1.70 लाख से ज्यादा नागरिक प्रभावित हुए हैं। वहीं, बिहार में मानसूनी स्थिति मजबूत बनी हुई है और मौसम विभाग ने आज 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिनमें गया, नवादा और पश्चिम चंपारण में बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसूनी हवाओं का असर व्यापक दिख रहा है। मध्य प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्र में 23 जुलाई तक हल्की वर्षा की गतिविधि जारी रहेगी; भोपाल और सीहोर में रात भर से बारिश दर्ज की गई है तथा मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में दो सप्ताह बाद मानसून के पुनरागमन से जयपुर समेत सभी 33 जिलों में मंगलवार को आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आईएमडी की राज्यवार अलर्ट सूची के अनुसार, 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और दक्षिण भारतीय राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 22 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, एमपी, बिहार, असम और सिक्किम में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।