भोपाल का अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा विश्वस्तरीय: मंत्री सारंग ने दिए समयबद्ध निर्माण और थर्ड पार्टी ऑडिट के निर्देश

भोपाल का अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा विश्वस्तरीय: मंत्री सारंग ने दिए समयबद्ध निर्माण और थर्ड पार्टी ऑडिट के निर्देश

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हाल ही में टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि परिसर का विकास अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

मंत्री सारंग ने जोर देकर कहा कि यह खेल परिसर मध्यप्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण देने और बड़ी प्रतियोगिताओं के आयोजन में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण की गुणवत्ता में जरा सी भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समूचे प्रोजेक्ट का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाएगा।

बैठक में बुनियादी ढांचे और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। परिसर में प्रवेश और निकास को व्यवस्थित करने के लिए अब तीन के बजाय पांच प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवाजाही सुगम बनी रहेगी। इसके अलावा, कॉम्पलेक्स के चारों तरफ की सड़कों का चौड़ीकरण, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम और हरियाली की देखभाल के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।

परिसर में आने वाले खिलाड़ियों और दर्शकों के मार्गदर्शन के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाले आधुनिक साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। मंत्री ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर बल देते हुए निर्देश दिया कि किसी भी संरचना को स्वीकार करने से पहले उसका गहन तकनीकी सत्यापन किया जाए। मरम्मत से जुड़े कार्यों के लिए एक स्पष्ट फ्लो चार्ट तैयार किया जाएगा और निर्माण एजेंसियों को किसी भी भुगतान या उपकरण खरीद से पहले खेल विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।

पर्यावरण के अनुकूल विकास को बढ़ावा देते हुए परिसर में ग्रीन एनर्जी (सौर ऊर्जा) के उपयोग पर विशेष बल दिया गया है। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस परिसर के साथ-साथ राज्य के अन्य सभी खेल परिसरों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने की चरणबद्ध योजना तैयार की जाए। साथ ही, परिसर के समग्र विकास के तहत पार्किंग, आधुनिक ऑडिटोरियम, आईटी सर्वर रूम, प्रशासनिक भवन और आधुनिक कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

बैठक के अंत में मंत्री सारंग ने अधिकारियों को प्रत्येक कार्य के लिए पृथक प्रोजेक्ट प्लान बनाकर काम में गति लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ निर्माण कार्यों से जुड़ी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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