इंदौर पुलिस कमिश्नरेट अंतर्गत विजयनगर थाना पुलिस ने युवाओं और विद्यार्थियों को रोजगार का लालच देकर उनके साथ धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी नौकरी दिलाने के बहाने छात्रों की 10वीं और 12वीं कक्षा की मूल अंकसूचियां अपने पास जमा रख लेता था और उन्हें लौटाने के एवज में प्रति मार्कशीट 5,000 रुपये की अवैध वसूली करता था।
पकड़ा गया आरोपी इंदौर के प्रसिद्ध ऑर्बिट मॉल में अपनी एक कंसल्टेंसी संचालित कर रहा था। वह दूर-दराज के क्षेत्रों से शहर में पढ़ाई करने आए छात्र-छात्राओं को पार्ट-टाइम और फुल-टाइम नौकरियां दिलाने का प्रलोभन देता था।
आरोपी छात्रों को विभिन्न निजी कंपनियों और व्यावसायिक संस्थानों में रोजगार दिलाने का भरोसा दिलाता था और इसी प्रक्रिया के नाम पर उनकी 10वीं व 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट जमा करा लेता था। जब छात्र अपनी अंकसूचियां वापस मांगते थे, तो वह प्रति मार्कशीट 5 हजार रुपये की मांग करता था। पैसे न देने की स्थिति में छात्रों को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जाती थीं।
ठगी और उत्पीड़न के शिकार कई पीड़ितों ने इस संबंध में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में शिकायत दर्ज कराई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर विजयनगर थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 313 मूल अंकसूचियां बरामद की हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह ‘AZFA एंटरप्राइजेज’ नाम से एक फर्म चलाता था, जिसके जरिए वह रोजगार मुहैया कराने का काम करता था। उसने स्वीकार किया कि वह कथित सुरक्षा के नाम पर छात्रों की मूल अंकसूचियां अपने पास रख लेता था और बाद में उन्हें वापस करने के लिए अवैध राशि वसूलता था।