प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपनी 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के समापन के पश्चात चिकित्सकीय परामर्श का पूरी तरह पालन करने और स्वास्थ्य पर ध्यान देने का आग्रह किया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने वांगचुक से अनुरोध किया कि वे अपनी दिनचर्या में डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करें ताकि उनका घटा हुआ वजन जल्द सामान्य हो सके। इसके साथ ही उन्होंने वांगचुक के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।
यह घटनाक्रम सोनम वांगचुक द्वारा एक निजी चिकित्सा संस्थान में अनशन समाप्त करने के बाद सामने आया। अनशन तोड़े जाने के समय केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि, चिकित्सा विशेषज्ञ और उनके परिजन उपस्थित थे।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने देश में भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली पर सरकार के कड़े रुख का उल्लेख भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसे अपराधों से निपटने के लिए एक अत्यंत कठोर और व्यापक विधेयक पारित कराने की तैयारी में है। इस विषय पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में विचार-विमर्श के पश्चात अगले सप्ताह इसे संसद में प्रस्तुत किए जाने के पूरे संकेत हैं।
इससे पूर्व गुरुवार को भी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर देश के युवाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उन्होंने कहा था कि नौजवानों के भविष्य की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा। संबंधित विभागों को इस दिशा में अविलंब कार्यवाही के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।