गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो संदेश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उनकी साख और प्रशंसकों की संख्या में अचानक बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। इस वीडियो के सार्वजनिक होते ही अगले 24 घंटों के भीतर उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम खाते से तकरीबन 10 लाख नए उपभोक्ता जुड़ गए। देश और दुनिया में तेजी से प्रसारित हुए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर उनकी व्यापक जनपहुंच को एक बार फिर रेखांकित किया है।
डिजिटल आंकड़ों और शोध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के पहले और एकमात्र ऐसे राजनीतिक दिग्गज हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 100 मिलियन (10 करोड़) के मील के पत्थर को पार कर चुकी है। प्रमुख सोशल मीडिया नेटवर्कों पर उनके इस विशाल डिजिटल प्रभाव को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाता है।
अपने इस ताजा वीडियो संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं और नागरिकों को सीधे संबोधित करते हुए परीक्षा में होने वाली धांधली पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों से निपटने के लिए बेहद कठोर नीति अपना रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से तैयार किए गए एक कानूनी मसौदे को शुक्रवार को आयोजित होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
युवाओं की समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं हैं, बल्कि ये लाखों परीक्षार्थियों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत कष्टदायी अनुभव होती हैं। उन्होंने बताया कि बीते ढाई महीनों के दौरान इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों के अमूल्य एक वर्ष को खराब होने से बचाना रहा है।
परीक्षाओं के पुनरायोजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि सीमित समय सीमा के भीतर सरकारी तंत्र ने अपनी पूरी ताकत लगाकर 22 लाख प्रभावित छात्रों की दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराईं। इसके उपरांत, 19 तारीख को परिणाम भी जारी कर दिए गए, जिससे देशभर के सफल अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार इतने पर ही रुकने वाली नहीं है और व्यवस्था को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
कानूनी प्रक्रिया के अगले चरणों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि संबंधित मंत्रालयों ने देर रात तक कार्य करके इस विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। केंद्रीय कैबिनेट से मिलने वाले सुझावों को शामिल करने के पश्चात इसे अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा। सरकार की योजना संसद के आगामी सत्र के दूसरे सप्ताह में इस विधेयक को पटल पर रखकर जल्द से जल्द कानून के रूप में पारित कराने की है।