असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर: 10.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत कार्य तेज

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर: 10.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत कार्य तेज

असम में प्राकृतिक आपदा का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के 25 जिलों में बाढ़ के कारण 10.6 लाख से ज्यादा आबादी भीषण संकट का सामना कर रही है। शुक्रवार को स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन दिन-रात जुटा हुआ है। पीड़ितों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए मुख्यमंत्री ने आपदा से हुए भारी नुकसान पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि राज्य के कई क्षेत्र इस समय जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सरकार चौबीसों घंटे राहत अभियानों में संलग्न है और वे स्वयं जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासनिक तैयारियों तथा राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे, जिसके बाद आगे की स्थिति साझा की जाएगी।

ताजा आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, 29 अप्रैल से 23 जुलाई की अवधि के भीतर आपदा से कुल 10,63,216 नागरिक प्रभावित हुए हैं। राज्य के 77 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले 2,023 गांव जलमग्न हो चुके हैं। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए प्रशासन ने 162 राहत शिविर बनाए हैं, जिनमें वर्तमान में 41,264 लोग शरण लिए हुए हैं। इसके साथ ही सहायता सामग्री के सुचारू वितरण के लिए 1,072 विशेष केंद्र भी क्रियान्वित किए गए हैं।

बाढ़ के कारण राज्य में अब तक 47 नागरिकों की असमय मृत्यु हो चुकी है। जनहानि के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिवसागर में सर्वाधिक 21, चराइदेव में 10, जोरहाट में 8, धेमाजी में 3, कार्बी आंगलोंग तथा गोलाघाट में 2-2 और सोनितपुर में 1 व्यक्ति की जान गई है। वहीं, आपदा के बीच 8 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें शिवसागर के 6 तथा धेमाजी एवं चराइदेव के 1-1 नागरिक शामिल हैं।

प्राकृतिक आपदा की इस विभीषिका में बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 401 आवास पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं, जबकि 1,856 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बचाव टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 28,912 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है और दुर्गम क्षेत्रों में बचाव कार्य निरंतर जारी है।

आने वाले दिनों में स्थिति पर नियंत्रण और पुनर्वास योजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ के मौजूदा हालात और जारी सहायता अभियानों की प्रगति की गहन समीक्षा की जाएगी।

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